गिरिडीह/धनबाद : घूस लेेते सुपरवाइजर व लेखापाल गिरफ्तार
Updated at : 14 Dec 2018 3:53 AM (IST)
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गिरिडीह/धनबाद : निगरानी की टीम ने गुरुवार को एक साथ दो सरकारी कर्मियों को रिश्वत के 60 हजार रुपये के साथ गिरफ्तार किया. इनमें गिरिडीह भूमि संरक्षण विभाग के फिल्ड सुपरवाइजर राकेश कुमार पासकल एवं लेखापाल राकेश कुमार शामिल हैं. एसीबी एसपी सुदर्शन प्रसाद मंडल के निर्देशन में इनकी गिरफ्तारी एसीबी डीएसपी चंद्रेश्वर प्रसाद एवं […]
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गिरिडीह/धनबाद : निगरानी की टीम ने गुरुवार को एक साथ दो सरकारी कर्मियों को रिश्वत के 60 हजार रुपये के साथ गिरफ्तार किया. इनमें गिरिडीह भूमि संरक्षण विभाग के फिल्ड सुपरवाइजर राकेश कुमार पासकल एवं लेखापाल राकेश कुमार शामिल हैं.
एसीबी एसपी सुदर्शन प्रसाद मंडल के निर्देशन में इनकी गिरफ्तारी एसीबी डीएसपी चंद्रेश्वर प्रसाद एवं इंस्पेक्टर केएन सिंह की संयुक्त अगुआई में सुबह 10 बजे बरगंडा स्थित एक किराये के मकान से की गयी है.
जिस मकान से दोनों को पकड़ा गया, उसमें दोनों बतौर किरायेदार रहते थे. गिरफ्तारी के बाद इनके कमरे को सर्च किया गया तो एक बैग मिला, जिसमें आठ लाख रुपये मिले.
एसीबी के पदाधिकारी गिरफ्तारी के बाद दोनों को पहले सदर प्रखंड कार्यालय के परिसर स्थित जिला भूमि संरक्षण कार्यालय ले गये जहां पर कई दस्तावेजों को खंगाला गया. यहां के बाद दोनों के बैंक खातों की जानकारी ली गयी. इसके बाद टीम दोनों को अपने साथ धनबाद ले गयी.
डुमरी के लाभुक से ली जा रही थी रिश्वत : डुमरी थाना क्षेत्र के तेलखारा में 5 मई 2018 को पानी पंचायत का गठन तालाब के जीर्णोंद्धार के लिए किया गया था. तालाब से सटा तेलखारा निवासी अशोक कुमार का खेत होने के कारण उसे पानी पंचायत का अध्यक्ष बनाया गया.
जबकि सचिव के लिए साहेब राम सोरेन का चयन किया गया था. दोनों को 15 लाख 85 हजार की लागत से भूमि सरंक्षण विभाग ने एक तालाब बनाने का जिम्मा सौंपा था.
जून 2018 में तालाब का निर्माण का काम पूरा कर लिया गया था. इसके बाद सिंचाई विभाग के पदाधिकारियों ने कार्य के मूल्यांकन के बाद मापी पुस्तिका भरते हुए लाभुकों को 10 अगस्त को ही आठ लाख 80 हजार 7 सौ रुपये का भुगतान कर दिया. इसके बाद आगे की राशि की भुगतान नहीं की गयी.
अशोक ने बताया कि बकाया राशि के भुगतान के लिए उन्होेंने जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी दिनेश मांझी से मुलाकात की तो उन्होंने फिल्ड सुपरवाइजर राकेश कुमार पास्कल से बात करने को कहा. जब वे राकेश से मिले तो बकाया राशि का 19 प्रतिशत कमीशन (1 लाख 67 हजार रुपये) लाकर देने को कहा गया.
उसने पहली किस्त के तौर पर 60 हजार देने की बात कही और यह भी कहा गया कि रिश्वत की राशि मिलने के बाद ही बकाया राशि का भुगतान होगा. इसके बाद अशोक ने इसकी शिकायत धनबाद एसीबी से कर दी.
मामले में एफआइआर दर्ज कर एसीबी की टीम ने राकेश कुमार पास्कल व लिपिक राकेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया. इस कांड के अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक नुनूदेव राय हैं.
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