दो गर्भवती महिलाओं की मौत

Updated at :07 Sep 2017 11:23 AM
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दो गर्भवती महिलाओं की मौत

दु:खद. एक महिला ने अस्पताल में तो दूसरी ने रास्ते में तोड़ा दम बिरनी व मधुबन की दो गर्भवती महिलाओं की बुधवार को मौत हो गयी. एक महिला ने सदर अस्पताल में तो दूसरी ने रास्ते में दम तोड़ा. दोनों की मौतों में सहिया की लापरवाही उजागर हुई है. गिरिडीह : जिला के अलग-अलग प्रखंड […]

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दु:खद. एक महिला ने अस्पताल में तो दूसरी ने रास्ते में तोड़ा दम
बिरनी व मधुबन की दो गर्भवती महिलाओं की बुधवार को मौत हो गयी. एक महिला ने सदर अस्पताल में तो दूसरी ने रास्ते में दम तोड़ा. दोनों की मौतों में सहिया की लापरवाही उजागर हुई है.
गिरिडीह : जिला के अलग-अलग प्रखंड की दो गर्भवती महिलाओं की मौत बुधवार को हो गयी. एक गर्भवती महिला की मौत सदर अस्पताल में तो दूसरे की मौत सदर अस्पताल आने के क्रम में हो गयी. सदर अस्पताल में मृत महिला बिरनी के केशोडीह निवासी बरियार सिंह की पत्नी उर्मिला देवी है.
बताया जाता है कि उर्मिला को बुधवार की सुबह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उर्मिला की स्थिति गंभीर थी और दोपहर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. घटना के बाद शव को लेकर परिजन चले गये. दूसरी मृतका मधुबन निवासी डोली मजदूर लालचंद की पत्नी मुनिया देवी है. मुनिया के पति लालचंद ने बताया कि मुनिया की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे लेकर चिरकी के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा. स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचते ही महिला को सदर अस्पताल भेज दिया गया. रास्ते में ही मुनिया ने दम तोड़ दिया.
ऑटो से पहुंचा सदर अस्पताल : लालचंद का कहना है कि सुबह 11 बजे जब वह अपनी पत्नी को लेकर चिरकी (पीरटांड़) स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा तो वहां पर इलाज नहीं किया गया और तुरंत ही सदर अस्पताल जाने को कहा गया. इस दौरान वहां पर एंबुलेंस भी था, लेकिन उसे एंबुलेंस मुहैया नहीं कराया गया. वह ऑटो से ही अपनी पत्नी को लेकर सदर अस्पताल पहुंचा, लेकिन अस्पताल के कर्मियों व चिकित्सकों ने जांच के बाद उसकी पत्नी को मृत घोषित कर दिया.
सहिया की लापरवाही उजागर : डाॅ बीएन झा
दोनों मौतों पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डाॅ बीएन झा ने बताया कि बिरनी की महिला उर्मिला देवी का पहले गांव में ही इलाज कराया गया. यहां पर एक बच्चे को महिला ने जन्म भी दिया था. गांव में झोला छाप चिकित्सक के इलाज से जब उसकी तबीयत बिगड़ गयी तो उसे गिरिडीह के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया. इसके बाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. इधर पीरटांड़ के मधुबन से आयी महिला की मौत पहले ही हो चुकी थी और मृत अवस्था में ही वह अस्पताल आयी थी. इन दोनों मामले में सहिया की लापरवाही उजागर हो रही है. इसकी जांच होगी.
पहले ही मर चुकी थी महिला : डाॅ केरकेट्टा
चिरकी (पीरटांड़) स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डाॅ ए केरकेट्टा ने कहा कि मृतका का इलाज मधुबन में ही प्राइवेट चिकित्सक ने किया था. वह मरी हुई अवस्था में स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी. ऐसे में यहां से उसे वापस अपने घर जाने का कहा गया. परिजनों ने एंबुलेंस की मांग नहीं की थी.
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