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गढ़वा में 15 जून से बदलेगा मौसम : डॉ अशोक

Updated at : 09 Jun 2025 9:58 PM (IST)
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गढ़वा में 15 जून से बदलेगा मौसम : डॉ अशोक

गढ़वा में 15 जून से बदलेगा मौसम : डॉ अशोक

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गढ़वा.

गढ़वा जिले में अगले तीन दिनों तक गर्मी बनी रहेगी एवं मौसम लगभग साफ रहेगा. परंतु कहीं-कहीं गरज के साथ हल्के छींटे पड़ सकते हैं. वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ अशोक कुमार ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 15 जून से मौसम बदलने के साथ अच्छी बारिश के संकेत हैं. फिलहाल दिन का तापमान 35 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच एवं रात का 26 से 29 डिग्री के बीच रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है.

किसानों को कृषि सलाह : कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को सलाह दी है कि टांड़ जमीन में मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल एवं अन्य दलहन-तेलहन की बुवाई जल्द से जल्द पूरी कर लें. जबकि मध्यम एवं निचले खेतों में धान की रोपाई के लिए कुछ दिनों के अंतराल पर बिचड़ा डालने का काम करते रहें. मड़ुआ की रोपाई के लिए भी आधा पाव प्रति कट्ठा रोपनी की दर से नर्सरी गिरा दें. सभी फसलों में बुवाई से पूर्व बीजों को किसी फफूंद नाशक जैसे बैभिस्टिन, टेबुकोनाजोल, कैप्टान या अन्य से उपचारित जरूर कर लें. उन्होंने कहा कि धान की खेती में मुनाफा बढ़ाने के लिए सीधी बुवाई एक अच्छा विकल्प साबित हो रहा है. सीधी बुवाई में बीज दर प्रति कट्ठा एक किलो के आसपास रखें. उन्होंने मध्यम जमीन में 120 दिन के आसपास तैयार होने वाले प्रभेदों की बुवाई करने और बुवाई के समय प्रति कट्ठा लगभग डेढ़ किलोग्राम डीएपी, 700 से 800 ग्राम एमओपी यानी पोटाश खाद डालने की सलाह दी. कहा कि ऊपर से लगभग डेढ़ किलो यूरिया दो बार में बुवाई के एक-एक महीना बाद डालें. निचले खेतों यानी दोन में 145-150 दिनों में तैयार होने वाले प्रभेदों जैसे स्वर्णा, शंभा मंसूरी, उन्नत संभा मंसूरी जैसे प्रभेदों की बुवाई करने की सलाह दी गयी है.

निचली जमीन में उर्वरकों की मात्रा डेढ़ गुनी करें : डॉ अशोक ने कहा कि निचली जमीन में उर्वरकों की मात्रा डेढ़ गुनी कर दें. खरपतवार नियंत्रण हेतु बुवाई के दूसरे-तीसरे दिन पेंडीमेथिलिन 40 से 50 मिलीलीटर 15 लीटर पानी में घोलकर प्रति कट्ठा की दर से खेत में छिड़काव करें. पुनः बुवाई के 20 से 25 दिनों बाद बिस्पाइरीबेक सोडियम लगभग 4 ग्राम 10 लीटर पानी में घोलकर प्रति कट्ठा की दर से छिड़काव करें. नर्सरी तैयार होने पर बैंगन एवं मिर्च की रोपाई करें. साथ ही उन्होंने फलदार पौधों को लगाने के लिए बनाये गये गड्ढों में अब रोपाई का कार्य शुरू करने की सलाह दी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By SANJAY

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