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Urea Fertilizer Shortage: झारखंड के गढ़वा में यूरिया खाद की किल्लत से किसानों में आक्रोश, एनएच-75 किया जाम

Updated at : 03 Sep 2025 4:48 PM (IST)
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Farmers Road Jam

सड़क पर बैठे आक्रोशित किसान

Urea Fertilizer Shortage: गढ़वा जिले के श्री बंशीधर नगर क्षेत्र में यूरिया खाद की किल्लत से परेशान किसानों का धैर्य जवाब दे गया और सड़क पर उतरकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया. हेन्हो मोड़ स्थित एनएच-75 को करीब आधे घंटे तक जाम कर दिया. इससे वाहनों की लंबी कतार लग गयी और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर जाम हटवाया. किसानों ने खाद वितरण की पारदर्शी व्यवस्था की मांग की.

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Urea Fertilizer Shortage: श्री बंशीधर नगर (गढ़वा), गौरव पांडेय-गढ़वा जिले के श्री बंशीधर नगर क्षेत्र में यूरिया खाद की किल्लत है. इससे किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. बुधवार को नाराज किसानों ने हेन्हो मोड़ स्थित एनएच-75 को करीब आधे घंटे तक जाम कर दिया. इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाया-बुझाया और जाम हटवाया. किसानों ने कहा कि खाद वितरण की पारदर्शी व्यवस्था हो, ताकि सभी किसानों को यूरिया खाद मिल सके.

घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी नहीं मिल रही खाद


किसानों का आरोप है कि सुबह से लाइन में लगे होने के बावजूद उन्हें खाद नहीं मिल रही है. उनका कहना है कि आधार कार्ड जमा करने के बाद भी अधिकतर किसानों को खाद से वंचित रखा जा रहा है, जबकि प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है. इससे गरीब और लाचार किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी उन्हें यूरिया खाद नहीं मिल रही है.

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पुलिस ने किसानों को समझाया


सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया. हालांकि किसान जाम हटाकर फिर से खाद की दुकानों की ओर लौट गए, इस उम्मीद के साथ कि उन्हें खाद उपलब्ध करायी जाएगी.

खाद वितरण की हो पारदर्शी व्यवस्था-किसान


किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद वितरण की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और न्यायपूर्ण हो. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. धान और मक्का की फसल लगी है और इस बीच यूरिया खाद के संकट से उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है. उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन को तत्काल ठोस कदम उठाने होंगे, तभी अच्छी उपज हो सकेगी.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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