गांव में सड़क व पानी की सुविधा भी नहीं

Author :SANJAY
Published by :SANJAY
Updated at :12 Jun 2025 8:50 PM
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गांव में सड़क व पानी की सुविधा भी नहीं

गांव में सड़क व पानी की सुविधा भी नहीं

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रमकंडा.

कुल 35 घर और इन घरों में रहने वाले करीब 150 लोगों की जिंदगी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में नारकीय बन चुकी है. रमकंडा प्रखंड की सीमा पर स्थित बैदेशी गांव में अब भी सड़क व पानी जैसी जरूरी सुविधा नहीं है. यहां तक की स्वास्थ्य और रोजगार जैसी जरूरतें भी दूर की बात है. गांव से पंचायत भवन की दूरी पांच किलोमीटर है. पगडंडी रास्ते से यहां आना-जाना पड़ता है. बारिश के मौसम में गांव तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं होता.

ग्रामीण महाराज सिंह, शिवव्रत यादव, वीरेंद्र यादव, रामबदन सिंह, झगरू सिंह, राजेश सिंह, धनजीत सिंह, रामलाल यादव, सहबीनी देवी, महरजरिया देवी, यशोदा देवी, कलावती देवी, मोहर यादव, सोहराई यादव, हुलास सिंह, दशरथ सिंह व बिहारी सिंह सहित अन्य ग्रामीण बताते हैं कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधि समेत विधायक व सांसद को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ. ग्रामीण बताते हैं की यहां की सबसे बड़ी समस्या सड़क है. बरसात में लोग प्रखंड मुख्यालय से कट जाते हैं.

मरीजों को डोली-खटोली में टांगकर ले जाते हैं : ग्रामीण बताते हैं कि सड़क नहीं होने से यहां स्वास्थ्य सुविधा भी लोगों को समय पर नहीं मिल पाती है. बरसात के दिनों में नदियों में बाढ़ जैसी स्थिती बनी रहती हैं. ऐसे में यहां के लोग बरसात में बड़ी मुश्किल से आवागमन कर पाते हैं. ग्रामीण बताते हैं की मरीज की अचानक तबियत खराब होने पर तथा गर्भवती महिलाओं को डोली खटोली में टांगकर पांच किमी दूर बलिगाह्द पंचायत भवन तक ले जाना पड़ता हैं. वहां से वाहन के जरिये अस्पताल ले जाना पड़ता है.

रोजगार का कोई साधन नहीं : गांव में रोजगार का कोई साधन नहीं है. ग्रामीणों ने बताया की यहां के 20 युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्य में पलायन कर चुके हैं. गांव में कई जॉब कार्डधारी हैं, लेकिन काम नहीं मिल पाता है. पंचायत प्रतिनिधियों व अधिकारियों से कई बार शिकायत की गयी, लेकिन कोई काम नहीं हुआ.

विधायक उठा चुके हैं सड़क निर्माण की मांग : ग्रामीणों के अनुसार गढ़वा रंका विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सत्येन्द्र नाथ तिवारी ने झारखंड विधानसभा में बैदेशी गांव को पंचायत से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण की मांग की है. ग्रामीणों ने बताया की सड़क निर्माण विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे थे. सड़क की मापी भी की गयी. लेकिन अब तक इसपर कोई पहल नही हुई है.

खबर छपने पर मिली थी बिजली : उल्लेखनीय है की बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य व अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित इस गांव के लोगों की परेशानी प्रभात खबर ने भी 20 फरवरी 2018 को प्रमुखता से प्रकाशित की थी. इसके बाद बिजली की सुविधा यहां के लोगों को मिल गयी, लेकिन आज भी यहां के लोग स्वास्थ्य, पानी, सड़क, सिंचाई व रोजगार से वंचित है.

सुविधाएं उपलब्ध कराने का हो रहा काम : मुखियाइस संबंध में पूछे जाने पर मुखिया बिनोद प्रसाद ने कहा की इस टोले को सड़क निर्माण की प्रक्रिया पूरी करने का काम चल रहा है. रोजगार को लेकर यहां जल्द ही मनरेगा की योजनाएं संचालित की जायेगी. विभागीय आदेश के आलोक में सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.

डीपीआर बनाया जा रहा है: कार्यपालक अभियंताइस संबंध में पूछे जाने पर ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता धर्मेन्द्र सिंह ने कहा की इस मामले को विधायक ने विधानसभा में भी उठाया है. सड़क निर्माण को लेकर डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया जारी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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