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तीन राज्यों की आस्था मिलकर बनाती है महाकुंभ

Updated at : 22 Oct 2025 8:19 PM (IST)
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तीन राज्यों की आस्था मिलकर बनाती है महाकुंभ

श्री बंशीधर नगर के प्राचीन सूर्य मंदिर घाट पर होता है भव्य छठ मेले का आयोजन

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श्री बंशीधर नगर के प्राचीन सूर्य मंदिर घाट पर होता है भव्य छठ मेले का आयोजन छत्तीसगढ़ व उत्तर प्रदेश से भी पहुंचते हैं श्रद्धालु गढ़वा में छठ महापर्व – 2 गौरव पांडेय, श्री बंशीधर नगर लोक आस्था का महापर्व छठ झारखंड के गढ़वा जिले के श्री बंशीधर नगर (नगर उंटारी) स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर घाट पर अपनी विशिष्ट पहचान रखता है. यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि क्षेत्रीय एकता, सांस्कृतिक संगम और श्रद्धा का अद्भुत प्रतीक है. यहां लगने वाला छठ मेला कई कारणों से विशेष है और तीन राज्यों की आस्थाओं को एक सूत्र में पिरोता है. गढ़वा का श्री बंशीधर नगर झारखंड, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित है. छठ महापर्व के अवसर पर यह स्थल इन तीनों राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए एक आस्था पुल का कार्य करता है. स्थानीय भक्तों के अलावा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार के सीमावर्ती जिलों से भी हजारों श्रद्धालु यहां छठ व्रत करने पहुंचते हैं. विविध लोकसंस्कृतियों, भाषाओं और गीतों का यह संगम एक अनोखा वातावरण तैयार करता है, जो क्षेत्रीय एकता को और सशक्त बनाता है. 1943 में हुआ था सूर्य मंदिर निर्माण जानकारी के अनुसार, इस सूर्य मंदिर का निर्माण 1943 में नगरगढ़ परिवार की राजमाता सीता देवी ने कराया था. यह प्रसिद्ध श्री बंशीधर मंदिर के समीप स्थित है. कहा जाता है कि आजादी से पूर्व इस मंदिर की स्थापना की गयी थी, और तब से ही यहां लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है. श्रद्धालु मन्नत मांगने आते हैं और पूर्ण होने पर छठ व्रत कर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं. कई व्रती विशेष अनुष्ठान कर मंदिर की परिक्रमा करते हुए प्रसाद चढ़ाते हैं. आस्था का जीवंत केंद्र है मंदिर : ट्रस्ट अध्यक्ष सूर्य मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेश प्रताप देव ने बताया कि यह स्थान वर्षों से आस्था का केंद्र रहा है. छठ के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु जुटते हैं. उन्होंने बताया कि भीड़-भाड़ को देखते हुए समिति द्वारा सभी तैयारी पूरी की जा रही है, ताकि व्रतियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. यहां छठ करने से पूरी होती है मनोकामना : पुजारी मंदिर के पुजारी अशोक तिवारी ने बताया कि नगरगढ़ की रानी स्व. शिवमणि कुंवर के समय से यहां छठ पूजा का आयोजन होता आ रहा है. कहा जाता है कि उनकी मन्नत पूरी होने के बाद इस स्थल पर व्रतधारियों का तांता लग गया. व्रतियों की मान्यता है कि इस मंदिर परिसर में साक्षात सूर्य देव का वास है, जिससे यहां अर्घ्य देने का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है और यहां मांगी गयी मन्नत पूरी होती है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन सतर्कः सत्येंद्र कुमार पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लगभग सभी छठ घाटों पर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. पुलिस बल तैनात किया गया है और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी की गयी है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जायेगा. दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी हैः प्रभाकर मिर्घा अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्घा ने बताया कि पर्व को लेकर दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को पूरी सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिये गये हैं. प्रभात क्लब ने की थी शुरुआत, अब ट्रस्ट कर रहा आयोजनः जयप्रकाश प्रभात क्लब के सचिव जयप्रकाश नारायण सिंह ने बताया कि वर्ष 1967 से क्लब छठ पूजा आयोजन की जिम्मेदारी निभा रहा था, जिसे अब श्री बंशीधर सूर्य मंदिर ट्रस्ट को सौंप दिया गया है. उन्होंने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. व्रतधारियों के लिए शौचालय, ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था की व्यापक व्यवस्था की गयी है, ताकि पर्व के दौरान किसी को असुविधा न हो.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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