शिक्षक दीपक कुजूर हत्याकांड में नया और सनसनीखेज मोड़, बड़े भाई ने बड़गड़ थाने में दर्ज कराई लिखित शिकायत

बडगड थाना में शिक्षक के परिजन | Prabhat Khabar Network
शिक्षक दीपक कुजूर हत्याकांड में नया मोड़, भाई ने पत्नी और मतिन पर साजिश का आरोप लगाया। डीएनए जांच और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
गढ़वा: सिमडेगा जिले के शिक्षक दीपक कुजूर हत्याकांड में एक ऐसा खौफनाक और उलझा हुआ मोड़ सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ पूरे इलाके को सन्न कर दिया है . क्या दीपक कुजूर की हत्या सिर्फ एक वारदात थी, या इसके पीछे अवैध प्रेम, धोखे और औलाद के हक की एक सनसनीखेज पटकथा लिखी गई थी?
क्या मुक्ति की बेटी का पिता मतीन ही हैं ? क्या अपनी प्रेमिका के साथ-साथ मतिन अपनी उस बेटी को भी वापस पाना चाहता था, जिसका जन्म शादी के महज कुछ ही महीनों बाद हुआ? ऐसे कई यक्ष प्रश्नों के साथ मृतक के बड़े भाई बसंत कुजूर ने बड़गड़ थाना प्रभारी को आवेदन देकर पूरे मामले की दिशा ही मोड़ दी है.
क्या साढ़ू ही था मुखबिर, किसने दी अपराधियों को लोकेशन?
30 जुलाई 2026 की प्राप्ति मुहर लगे इस आवेदन में बसंत कुजूर ने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि आखिर दीपक के घर से निकलने और ससुराल से लौटने की एक-एक मिनट की सटीक जानकारी अपराधियों तक कैसे पहुंची? क्या साढ़ू ही था सूचनादाता? आवेदन के अनुसार, दीपक 18 जुलाई को अपनी सास को रमकंडा के बरवा छोड़ने गए थे .
19 जुलाई की सुबह घर लौटते समय वे रास्ते में कंजिया खजुरी स्थित अपने साढ़ू बसंत टोप्पो के घर कुछ देर रुके . इसके तुरंत बाद सालो जंगल के ललमटिया के पास घात लगाए अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी . भाई का आरोप है कि साढ़ू बसंत टोप्पो और पत्नी की मिलीभगत के बिना अपराधियों तक इतनी सटीक लोकेशन पहुंचना नामुमकिन है .
शादी के छह महीने बाद बेटी का जन्म, डीएनए टेस्ट से खुलेगा राज?
हत्याकांड के तार अब सिर्फ साजिश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह मामला एक गहरे पारिवारिक रहस्य की ओर इशारा कर रहा है. आवेदन के अनुसार, दीपक कुजूर की शादी 27 दिसंबर 2025 को मुक्ति केरकेट्टा से हुई थी.
शादी के महज छह महीने बाद 1 जुलाई 2026 को उसने एक बच्ची को जन्म दिया. विवाह और जन्म की समय-अवधि पर गंभीर संदेह जताते हुए भाई ने पुलिस से बच्ची की डीएनए जांच कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि यह सच सामने आ सके कि बच्ची का जैविक पिता कौन है .
डाल्टनगंज का चश्मा दुकान संचालक मतिन निकला मास्टरमाइंड!
आवेदन में सबसे चौंकाने वाला नाम डाल्टनगंज के 'नयन सुख चश्मा दुकान' के संचालक मतिन अख्तर उर्फ मुन्ना खान का आया है . आरोप है कि मुक्ति पहले उसी की दुकान में काम करती थी और दोनों के बीच पुराना प्रेम प्रसंग था . शादी के बाद भी दोनों लगातार संपर्क में थे . आरोप लगाया जा रहा है कि मतिन ने अपनी प्रेमिका और संभवतः अपनी ही संतान को पाने या इस रिश्ते के रास्ते से कांटे को हटाने के लिए यह पूरी खूनी साजिश रची .
उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार
बसंत कुजूर ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस सुनियोजित हत्याकांड के सभी फरार अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए . इस सनसनीखेज आवेदन की प्रतिलिपि गढ़वा उपायुक्त, गढ़वा एसपी और रंका डीएसपी को भी भेजकर निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई गई है. मालूम हो कि गढ़वा पुलिस ने इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी मतिन अख्तर उर्फ मुन्ना खान ,मफुज अंसारी और परवेज आलम को गिरफ्तार किया हैं .
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










