सत्येंद्रनाथ तिवारी ने सदन में बालू व स्वास्थ्य समस्या उठायी

Updated at : 27 Feb 2025 9:23 PM (IST)
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सत्येंद्रनाथ तिवारी ने सदन में बालू व स्वास्थ्य समस्या उठायी

सत्येंद्रनाथ तिवारी ने सदन में बालू व स्वास्थ्य समस्या उठायी

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गढ़वा. गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं सामान्य प्रयोजन समिति के सभापति सत्येंद्रनाथ तिवारी झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को सदन में राज्य की विभिन्न समस्याओं को लेकर झारखंड सरकार पर हमलावर हुए. विधायक ने सदन में कहा कि आज झारखंड में बालू एक गंभीर समस्या बन गयी है, इसके चलते राज्य के लाखों गरीब परिवार के लोग प्रधानमंत्री आवास योजना, अबुआ आवास योजना, शौचालय और अन्य निर्माण कार्य बालू के अभाव में नहीं कर पा रहे हैं. सरकार की गलत नीतियों के कारण या तो बालू मिल नहीं रहा है, या बहुत ऊंचे दाम पर मिल रहा है. इसे खरीदना आम गरीब गुरबा के औकात से बाहर की बात हो गयी है. श्री तिवारी ने कहा कि झारखंड की महागठबंधन की सरकार ने कृत्रिम रूप से बालू की समस्या झारखंड में उत्पन्न की है. ताकि सत्ता में बैठे लोग और सत्ता का संरक्षण प्राप्त लोगों के द्वारा बालू की कालाबाजारी करके अवैध तरीके से धन अर्जित किया जा सके. बालू महंगा होने का कारण : श्री तिवारी ने कहा कि विगत पांच साल पूर्व झारखंड सरकार द्वारा बालू की अवैध कालाबाजारी करने के लिए झारखंड के सभी बालू घाटों को जेएसएमडीसी के हवाले कर दिया गया था. इसके बाद जेएसएमडीसी ने लोगों को सुलभ तरीके से बालू मुहैया कराने के बजाय जानबूझकर बालू घाटों के आवंटन के नाम पर टेंडर का खेल शुरू किया और दो वर्षों तक टेंडर फाइनल नहीं किया गया. दो वर्षों के बाद जेएसएमडीसी ने सभी टेंडर को रद्द भी कर दिया गया ताकि सत्ता में बैठे लोगों के इशारे पर बालू की कालाबाजारी हो सके. इसका नतीजा यह हुआ कि झारखंड के आम लोग बालू के अभाव में निर्माण कार्य नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने बालू की इस किल्लत के लिए जेएसएमडीसी के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का भी मामला उठाया : गढ़वा विधायक ने झारखंड के लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को भी कटघरे में खड़ा किया. कहा कि आज झारखंड में मरीजों की जान भगवान भरोसे है. गंभीर रोगियों को जिला मुख्यालय से रांची स्थित रिम्स में डायरेक्ट लाने के लिए एम्बुलेंस की सेवा उपलब्ध नहीं है. एंबुलेंस वाले किसी मरीज को जिला मुख्यालय से राजधानी रांची तक लाने के बजाय बीच के ही किसी अस्पताल में छोड़कर भाग जाते हैं. इसके चलते मरीज को पुनः दूसरे एंबुलेंस की व्यवस्था करके रांची आना पड़ता है. इस कारण कई लोग अपनी जान भी गवा रहे हैं. श्री तिवारी ने कहाी कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था काफी लचर हालत में है. लोग इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं. सरकारी अस्पतालों की स्थिति दयनीय है. उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य सेवा को बेहतर करने की मांग की है.

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