गढ़वा में ठंड का कहर, शीतलहरी व कुहासे से जनजीवन प्रभावित प्रतिनिधि गढ़वा गढ़वा जिले में ठंड ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है. शीतलहरी और घने कुहासे के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 25 व न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं मौसम विभाग के अनुसार जिले में ठंड और बढ़ने की संभावना है. मौसम विभाग ने ठंड को लेकर जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया किया है. लगातार गिरते तापमान ने लोगों की दिनचर्या पर गहरा असर पड़ रहा है. ठंड से बचने के लिए लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं. सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही काफी कम देखने को मिल रही है. बीते कई दिनों से दिनभर धूप नहीं निकलने से ठिठुरन और अधिक बढ़ गयी है. ठंडी हवा के साथ आसमान में छाये बादलों ने ठंड का असर और भी बढ़ा दिया है. सुबह व शाम में घना कुहास जिसे में ठंड बढ़ने के साथ-साथ सुबह व शाम के समय घना कुहासा छाया रह रहा है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. कुहासे के कारण सड़कों पर वाहनों की गति भी थम गयी है. साथ ही दुर्घटना की आशंका बढ़ गयी है. जिला प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. साथ ही लोगों ने जिला प्रशासन से शहर के विभिन्न स्थलों पर अलाव की व्यवस्था करने की मांग की है. जिले में तापमान का पूर्वानुमान दिन अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान 23 दिसंबर 23 8 24 दिसंबर 25 9 25 दिसंबर 24 6 26 दिसंबर 24 6 ………………… ठंडे पानी से नहाना पड़ सकता है भारी, बढ़ जाता है हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा सावधानी गढ़वा. जिले में बढ़ती ठंड को लेकर बीपी व शुगर के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. इस संबंध में गढ़वा के चिकित्सक डॉ कुमार निशांत सिंह ने आम लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में हृदय रोग, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों के लिए ठंडे पानी से नहाना बेहद खतरनाक हो सकता है. ठंडे पानी के संपर्क में अचानक आने से धड़कन तेज हो जाती है और रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) अचानक बढ़ सकता है. इससे हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है. ठंड के कारण शरीर की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है. डॉ निशांत ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों और बुजुर्ग को इस मौसम में गुनगुने पानी से ही नहाने की सलाह दी है. साथ ही उन्होंने बताया कि यदि ठंडे पानी का उपयोग करना ही हो, तो सीधे सिर पर पानी न डालें. सबसे पहले पैरों पर पानी डालें, उसके बाद धीरे-धीरे ऊपर की ओर शरीर को भिगोएं. उन्होंने कड़ी धूप निकलने के बाद स्नान करने की सलाह दी है. उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में शरीर के तापमान को संतुलित रखना जरूरी है. किसी भी तरह की बेचैनी, सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें.
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