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उपभोक्ता आयोग ने शिकायतकर्ता को 51,979 रुपये भुगतान का आदेश दिया

Updated at : 01 Dec 2025 9:48 PM (IST)
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उपभोक्ता आयोग ने शिकायतकर्ता को 51,979 रुपये भुगतान का आदेश दिया

गाड़ी के कागजात नहीं देने पर फाइनेंस कंपनी और ऑटो शोरूम पर कार्रवाई

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गाड़ी के कागजात नहीं देने पर फाइनेंस कंपनी और ऑटो शोरूम पर कार्रवाई प्रतिनिधि, गढ़वा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक और ऑटो शोरूम को शिकायतकर्ता को 51,979 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है. यह आदेश आयोग के अध्यक्ष ओम प्रकाश पांडेय और सदस्य बाला कुमारी की पीठ ने पंकज कुमार चौबे (अचला नावाडीह, गढ़वा) की याचिका पर जारी किया. शिकायतकर्ता पंकज कुमार चौबे ने बताया कि उन्होंने 22 अगस्त 2023 को हीरो फिनकॉर्प वाहन ऑटो शोरूम श्री देव ऑटोमोबाइल, बकनौरा (रोहतास) से एक मोटरसाइकिल खरीदी थी. गाड़ी की कीमत 93,241 रुपये बतायी गयी थी. उन्होंने 21,729 रुपये डाउन पेमेंट भी किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें संबंधित कागजात उपलब्ध नहीं कराये गये. कागजात की मांग पर एजेंसी और फाइनेंस कंपनी ने टालमटोल किया. उपभोक्ता सुविधा में फोन करने पर कंपनी ने एक वेलकम लेटर दिया, जिसमें कुल 10,000 का कोई हिसाब नहीं मिला. प्रताड़ना और अधिक वसूली का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप था कि पूर्ण भुगतान कर कागजात मांगे जाने पर फाइनेंस कंपनी के एजेंटों ने धमकी, गाली-गलौज और दबाव बनाया. एक किस्त जमा करने की बात कहकर राशि ली गयी, लेकिन उसे दर्ज नहीं किया गया. आवेदक ने अधिक वसूली गयी राशि, मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना और वाद व्यय मिलाकर कुल 90,000 रुपये की मांग की थी. एकपक्षीय आदेश जारी नोटिस के बाद विपक्षी संख्या तीन हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड, नयी दिल्ली की ओर से अधिवक्ता दीपक कुमार सिंह ने उपस्थिति दर्ज करायी, जबकि शाखा प्रबंधक और श्री देव ऑटोमोबाइल की ओर से कोई पक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया. उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने शाखा प्रबंधक हीरो फिनकॉर्प वाहन ऑटो शोरूम श्री देव ऑटोमोबाइल के विरुद्ध एकपक्षीय आदेश पारित किया. 45 दिनों में भुगतान का निर्देश आयोग ने शाखा प्रबंधक को 45 दिनों के भीतर चेक के माध्यम से कुल 51,979 रुपये शिकायतकर्ता को भुगतान करने का आदेश दिया है. इसमें 30,000 रुपये मानसिक, शारीरिक व आर्थिक उत्पीड़न के लिए, 10,000 रुपये वाद व्यय तथा 11,979 रुपये अधिक वसूली की राशि शामिल है. निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं करने पर 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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