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एक सीडीपीओ पर तीन-तीन परियोजनाओं का प्रभार

Updated at : 08 Nov 2025 9:06 PM (IST)
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एक सीडीपीओ पर तीन-तीन परियोजनाओं का प्रभार

सीडीपीओ की कमी, 14 में से 13 परियोजनाएं चल रही हैं प्रभार में

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सीडीपीओ की कमी, 14 में से 13 परियोजनाएं चल रही हैं प्रभार में प्रतिनिधि, मेदिनीनगर जिला समाज कल्याण विभाग इन दिनों पदाधिकारियों की भारी कमी से जूझ रहा है. जिले में कुल 14 बाल विकास परियोजनाएं संचालित हैं. प्रत्येक परियोजना के लिए एक बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) का पद सृजित है, लेकिन वर्तमान में सिर्फ डालटनगंज ग्रामीण परियोजना में अर्चना सिन्हा सीडीपीओ के रूप में पदस्थापित हैं. शेष 13 बाल विकास परियोजनाओं में सीडीपीओ के पद रिक्त हैं. इन सभी परियोजनाओं का कार्य फिलहाल प्रभार में चल रहा है. सदर ग्रामीण की सीडीपीओ अर्चना सिन्हा को चैनपुर व डालटनगंज शहरी परियोजना का भी प्रभार दिया गया है. बीडीओ-सीओ संभाल रहे हैं अतिरिक्त जिम्मेदारी जिले के अन्य प्रखंडों — पांकी, विश्रामपुर, छतरपुर, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, हैदरनगर, पाटन, मनातू, नौडीहा बाजार, तरहसी व लेस्लीगंज में सीडीपीओ के प्रभार की जिम्मेदारी संबंधित बीडीओ और सीओ को सौंपी गयी है. हालांकि, बीडीओ व सीओ अपने विभागीय कार्यों में व्यस्त रहते हैं, जिससे बाल विकास परियोजना के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है.स्थिति यह है कि वे केवल विभागीय रिपोर्टों पर औपचारिक हस्ताक्षर कर पाते हैं. 85 में से सिर्फ 31 महिला पर्यवेक्षिका पदस्थापित जिले की 14 बाल विकास परियोजनाओं में कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुल 85 महिला पर्यवेक्षिका के पद सृजित हैं. मगर फिलहाल सिर्फ 31 पर्यवेक्षिका ही कार्यरत हैं.इस वजह से एक पर्यवेक्षिका के जिम्मे कई आंगनबाड़ी केंद्र आ गए हैं, जिससे नियमित निरीक्षण व निगरानी प्रभावित हो रही है. बाल विकास परियोजना के लक्ष्य अधूरे समेकित बाल विकास परियोजना (आइसीडीएस) के तहत बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, मानसिक व सामाजिक विकास, बाल मृत्यु दर में कमी, टीकाकरण, स्कूल पूर्व शिक्षा, तथा गर्भवती व धात्री माताओं के स्वास्थ्य व पोषण का ध्यान रखना प्रमुख उद्देश्य है.साथ ही, किशोरियों को शिक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में भी योजनाएं चल रही हैं.लेकिन पदाधिकारियों की कमी के कारण इन योजनाओं की मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है. जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (डीएसडब्लूओ) नीता चौहान ने बताया कि सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिका की कमी से विभागीय कार्यों में कठिनाई हो रही है.उन्होंने कहा कि इस स्थिति से विभागीय अधिकारियों और सरकार को अवगत कराया गया है.साथ ही, उन्होंने सृजित पदों पर शीघ्र पदस्थापना की आवश्यकता बतायी है, ताकि विभागीय कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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