भगवान राम मर्यादा और आदर्श के प्रतीक

Updated:
विज्ञापन
भगवान राम मर्यादा और आदर्श के प्रतीक

नरगिर आश्रम में रामकथा का समापन, अंतिम दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

विज्ञापन

नरगिर आश्रम में रामकथा का समापन, अंतिम दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब प्रतिनिधि गढ़वा गढ़देवी मोहल्ला स्थित नरगिर आश्रम में रामकथा के अंतिम दिन भारी भीड़ उमड़ पड़ी. कथा वाचक बालस्वामी प्रपन्नाचार्य ने रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों की दार्शनिक व्याख्या कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. उन्होंने चित्रकूट प्रवास का वर्णन करते हुए माता अनुसूया के सतीत्व और सेवा भाव की महिमा बतायी और बालक बनने तथा दत्तात्रेय, दुर्वासा और चंद्रमा के रूप में पुत्र प्राप्त होने की कथा सुनायी. अरंयकांड में शरभंग ऋषि के तप और प्रभु दर्शन को प्राथमिकता देने की कथा को साझा किया. किष्किंधा कांड में बाली और सुग्रीव की कथा बताते हुए धर्म की स्थापना के लिए बाली वध की घटना बतायी गयी. लंका कांड में कुंभकर्ण और मेघनाद का वध और रावण के अंत का वर्णन किया गया. कार्यक्रम का समापन राम राज्यारोहण और भव्य झांकी के साथ हुआ. पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक किया और सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान राम मर्यादा और आदर्श के प्रतीक हैं. उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज को श्रेष्ठ बनाया जा सकता है. कार्यक्रम के अंत में रामकथा समिति के सदस्यों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया. समिति के अध्यक्ष चंदन जायसवाल ने सभी श्रद्धालुओं व सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया.

विज्ञापन
Akarsh Aniket

लेखक के बारे में

By Akarsh Aniket

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola