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जिले में हेल्थ केयर की स्थिति अपेक्षा के अनुरूप नहीं, सुधार की जरूरत : डीसी

Updated at : 04 Dec 2025 8:41 PM (IST)
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जिले में हेल्थ केयर की स्थिति अपेक्षा के अनुरूप नहीं, सुधार की जरूरत : डीसी

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर क्लिनिकल एक्ट व पीसीपीएनडीटी पर कार्यशाला आयोजित

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स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर क्लिनिकल एक्ट व पीसीपीएनडीटी पर कार्यशाला आयोजित प्रतिनिधि, गढ़वा नगर भवन गढ़वा में गुरुवार को उपायुक्त दिनेश यादव की अध्यक्षता में क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट व पीसीपीएनडीटी अधिनियम पर एक दिवसीय कार्यशाला सह समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी. कार्यशाला में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार व चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. कार्यक्रम में जिलेभर के मेडिकल प्रैक्टिशनर, निजी अस्पताल संचालक, क्लिनिक प्रतिनिधि, कथित झोलाछाप चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता व अन्य लोग उपस्थित थे. सभी को चिकित्सालय संचालन से जुड़े नियम, सीमाएं, अर्हताएं एवं न्यूनतम मानकों के अनुपालन संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी गयी. कार्यशाला का उद्घाटन उपायुक्त दिनेश यादव, अनुमंडल पदाधिकारी रंका रुद्र प्रताप एवं सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ कैनेडी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. उपायुक्त ने कहा कि जिले की हेल्थ केयर व्यवस्था अपेक्षित स्तर पर नहीं है, जिसमें सुधार आवश्यक है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट-2010 व रूल 2013 के अनुरूप होना चाहिए. योग्य, प्रशिक्षित एवं मान्यता प्राप्त चिकित्सक तथा स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा ही सेवाएं दी जानी चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक साइन जैसे चिकित्सक व कर्मियों की सूची, हेल्पलाइन नंबर, ड्यूटी चार्ट व क्लिनिक अथॉरिटी सर्टिफिकेट प्रदर्शित हों. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी. उपायुक्त ने अपंजीकृत अस्पतालों व क्लीनिकों को जल्द पंजीकरण कराने तथा जिन अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लाइसेंस समाप्त हो चुके हैं, उन्हें रिनुअल के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया. लोगों की समस्याएं भी सुनीं कार्यशाला में आये चिकित्सकों, अस्पताल संचालकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से उपायुक्त ने संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का दायित्व है कि वे मरीजों को बेहतर उपचार के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें. अनाधिकृत रूप से संचालित स्वास्थ्य केंद्रों की जांच के लिए इंस्पेक्शन फॉर्मेट तैयार कर सभी जांच दलों को उपलब्ध कराने का निर्देश सिविल सर्जन डॉ जेएफ कैनेडी को दिया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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