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कड़ाके की ठंड से कांपा गढ़वा, न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री पर पहुंचा

Updated at : 08 Dec 2025 8:47 PM (IST)
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कड़ाके की ठंड से कांपा गढ़वा, न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री पर पहुंचा

कड़ाके की ठंड से कांपा गढ़वा, न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री पर पहुंचा

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जितेंद्र सिंह, गढ़वा जिले में पिछले एक सप्ताह से कड़ाके की ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. उत्तर–पश्चिम दिशा से आने वाली शीतल हवाओं ने तापमान में अप्रत्याशित गिरावट ला दी है. मौसम विभाग के अनुसार रविवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 6.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे न्यूनतम स्तर है. वहीं सोमवार को न्यूनत तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वैज्ञानिकों का कहना है कि झारखंड के निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर सक्रिय हुई इन हवाओं में हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडक शामिल है, जिससे रात और सुबह तापमान में तेज गिरावट आयी है. कुछ दिन पहले मामूली बढ़ोतरी के बाद अब फिर से ठंड का असर बढ़ गया है. मौसम विभाग ने गढ़वा सहित राज्य के 11 जिलों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है और अगले एक सप्ताह तक तापमान 8–9 डिग्री के बीच बने रहने की संभावना जतायी है. जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर बढ़ती ठंड को देखते हुए झारखंड सरकार ने गढ़वा जिले के लिए प्राकृतिक आपदा मद से 3 लाख रुपये स्वीकृत किये हैं. इस राशि का उपयोग अलाव व्यवस्था, गरीब व बेघर लोगों के बीच कंबल वितरण तथा अन्य राहत कार्यों में किया जायेगा. उपायुक्त दिनेश यादव ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, नगर निकायों और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिये हैं. रात्रि गश्ती टीमों को भी सक्रिय किया गया है, ताकि सड़क किनारे रहने वाले असहाय लोगों को सहायता उपलब्ध करायी जा सके. ठंड में स्ट्रोक–हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा आइएमए के अध्यक्ष सह चिकित्सक डॉ अरशद अंसारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि कठोर ठंड में स्ट्रोक और हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं. उन्होंने बुजुर्गों, हृदय रोगियों, मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने, धूप निकलने के बाद ही मॉर्निंग वॉक करने, ऊनी कपड़े, मोजे और टोपी अनिवार्य रूप से पहनने की सलाह दी. उनके अनुसार अत्यधिक ठंड में नसें सिकुड़ती हैं, जिससे रक्त प्रवाह कम होता है और अचानक स्ट्रोक या हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. आइए खुशियां बांटें अभियान बन रहा राहत का आधार सदर एसडीएम संजय कुमार द्वारा शुरू किया गया आइए खुशियां बांटें अभियान इन दिनों गरीबों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है. स्थानीय व्यवसायियों के सहयोग से पिछले एक सप्ताह के भीतर कई बेघर मुसहर परिवारों और अन्य जरूरतमंदों को कंबल एवं आवश्यक वस्तुएं वितरित की गयी हैं. यह अभियान तीन महीनों तक चलेगा, जिसके तहत शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में राहत सामग्री उपलब्ध करायी जाती रहेगी. कन्या विवाह एंड विकास सोसाइटी भी सक्रिय कन्या विवाह एंड विकास सोसाइटी ने भी शहर के प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है, ताकि रात में राहगीरों और असहाय लोगों को ठंड से राहत मिल सके. सोसाइटी द्वारा कंबल वितरण अभियान भी चलाया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में गरीब परिवार लाभान्वित हुए हैं. विशेष सावधानी बरतने की अपील जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे रात और सुबह के समय विशेष सावधानी बरतें, बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से सुरक्षित रखें और किसी जरूरतमंद व्यक्ति के बारे में जानकारी मिलने पर तुरंत प्रशासनिक टीम या स्थानीय राहत समूहों को सूचित करें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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