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क्षत्रियों के गौरवशाली इतिहास को मिटाने का हो रहा है प्रयास : आनंद मोहन

Updated at : 21 Dec 2025 9:24 PM (IST)
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क्षत्रियों के गौरवशाली इतिहास को मिटाने का हो रहा है प्रयास : आनंद मोहन

क्षत्रिय गौरव मिलन समारोह में उमड़ा जनसैलाब, क्षत्रिय समाज की एकजुटता का आह्वान

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क्षत्रिय गौरव मिलन समारोह में उमड़ा जनसैलाब, क्षत्रिय समाज की एकजुटता का आह्वान प्रतिनिधि गढ़वा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को गढ़वा जिला मुख्यालय स्थित गोविंद प्लस टू उच्च विद्यालय के मैदान में क्षत्रिय गौरव मिलन समारोह का भव्य आयोजन हुआ. समारोह में बिहार के शिवहर से पूर्व सांसद आनंद मोहन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उनके साथ कई पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न जिलों से आये क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे. समारोह में पहुंचने पर क्षत्रिय समाज के लोगों ने मुख्य अतिथि आनंद मोहन का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया. इस दौरान मुख्य अतिथि आनंद मोहन ने कहा कि आज क्षत्रिय समाज के गौरवशाली इतिहास को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर करने और मिटाने का प्रयास किया जा रहा है. ऐसे समय में समाज को जागरूक, संगठित और एकजुट होने की सबसे अधिक आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज की पहचान शौर्य, वीरता, त्याग और बलिदान से रही है, लेकिन आज समाज को पीछे धकेलने की साजिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि यदि भारत के इतिहास से राजपूतों की शौर्य गाथा हटा दी जाये, तो इतिहास का एक बड़ा अध्याय ही समाप्त हो जायेगा. झारखंड की क्षत्रियों को एक मंच पर लाने का यह प्रयास निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम देगा. आनंद मोहन ने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर कहा कि इससे डरने की जरूरत नहीं है. जातिगत जनगणना होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि समाज की वास्तविक स्थिति क्या है. उन्होंने अपने जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें 16 वर्ष तक जेल में रहना पड़ा, लेकिन न वे झुके और न ही टूटे. इस दौरान पूर्व विधायक राज राजेंद्र प्रताप देव, शारदा महेश प्रताप देव, बाबू दिनेश सिंह, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति दिनेश सिंह, युवा नेता अभिमन्यु सिंह, दीपक प्रताप देव, नितेश सिंह, सिया जानकी सिंह, प्रिंस प्रताप सिंह, संजीव सिंह, विपिन सिंह, अमरेंद्र सिंह आदि ने भी समारोह को संबोधित किया. आयोजन को सफल बनाने में दयानंद सिंह, शैलेंद्र कुमार सिंह उर्फ चुन्नू सिंह, अमरेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, बबन सिंह, उमेश सिंह, सच्चिदानंद सिंह, अजय सिंह, प्रमोद सिंह, मुन्ना सिंह,राजू सिंह, पिंटू सिंह, कृपाल सिंह, सुदर्शन सिंह आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही. क्षत्रिय समाज टूट जाता है लेकिन बिकता नहीं : सुनील सिंह चतरा के पूर्व सांसद सुनील सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज को एकजुट करने की शुरुआत अपने घर और परिवार से करनी होगी. उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज की गौरव गाथा में वीरांगनाओं का योगदान अविस्मरणीय है. उन्होंने सरकार से स्वर्ण आरक्षण के गठन, जातिगत जनगणना कराने, भूमि से जुड़ी विसंगतियों को समाप्त करने, स्वर्णों को प्रदत्त आरक्षण प्रक्रिया को सरल बनाने और बटाइदार कानून लागू करने की मांग की. उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज बिकता नहीं है, चाहे वह टूट जाये, लेकिन अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं करता. त्याग, तपस्या व सेवा ही क्षत्रिय समाज की पहचान : गिरिनाथ सिंह पूर्व मंत्री गिरिनाथ सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज को एकजुट करने का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. उन्होंने घोषणा की कि फरवरी माह में झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में राज्य स्तरीय क्षत्रिय सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा, जिसमें राज्य के सभी 24 जिलों से समाज के लोग भाग लेंगे. उन्होंने कहा कि वे स्वयं को राजा या महाराजा नहीं बल्कि समाज का सेवक मानते हैं. उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि त्याग, तपस्या और सेवा ही क्षत्रिय समाज की पहचान है. उन्होंने गढ़वा में महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित करने की भी घोषणा की. झारखंड से क्षत्रिय समाज का एक भी सांसद नहीं होना दुखद : डब्लू सिंह नवीनगर के पूर्व विधायक विजय सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है, लेकिन अब राजतंत्र का दौर नहीं बल्कि प्रजातंत्र का समय है, जहां सजगता और राजनीतिक भागीदारी बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में क्षत्रिय विधायक चुने गये हैं, जबकि झारखंड में क्षत्रिय समाज का प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कमजोर है. झारखंड में एक भी सांसद राजपूत समाज का नहीं होना चिंताजनक है और यह इस बात का प्रमाण भी है कि क्षत्रियों को राजनैतिक रूप से कैसे कमजोर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने तलवार के बल पर इतिहास रचा और अब हमें वोट की ताकत से अपने अधिकारों की रक्षा करनी होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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