ड्रेस कोड के नाम पर परीक्षार्थियों को रोका, हंगामे के बाद मिली इंट्री

ड्रेस कोड के नाम पर परीक्षार्थियों को रोका, हंगामे के बाद मिली इंट्री
रमेश विश्वकर्मा, डंडई मैट्रिक परीक्षा 2026 के दौरान डंडई प्रखंड स्थित लवाही प्लस टू उच्च विद्यालय में शुक्रवार को ड्रेस कोड के नाम पर दर्जनों परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के बाहर रोक दिया गया. जिस कारण छात्र-छात्राएं परीक्षा से वंचित होने की आशंका से फूट-फूटकर रोने लगे और केंद्र में प्रवेश की गुहार लगाते रहे. इसके बाद आक्रोशित अभिभावकों ने स्कूल गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. बढ़ते दबाव के बाद करीब 15 मिनट की देरी से विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गयी. गौरतलब है कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों के लिए कोई अनिवार्य ड्रेस कोड निर्धारित नहीं किया गया है. इसके बावजूद परीक्षा केंद्र पर तैनात शिक्षकों द्वारा ड्रेस के नाम पर विद्यार्थियों को रोके जाने से अभिभावकों में नाराजगी देखी गयी.
शिक्षक पर दुर्व्यवहार का आरोपअभिभावकों ने आरोप लगाया कि एक शिक्षक हाथ में डंडा लेकर बच्चों को केंद्र के बाहर खदेड़ रहे थे. उनका यह भी कहना है कि संबंधित शिक्षक ने स्वयं को स्कूल का डिप्टी सीएम बताते हुए यह घोषणा कर दी कि बिना ड्रेस वाले छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो पायेंगे. विवाद बढ़ता देख अंततः प्रशासन और स्कूल प्रबंधन को हस्तक्षेप करना पड़ा. स्थिति को नियंत्रित करने के बाद करीब 15 मिनट की देरी से सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया गया.
पदाधिकारियों ने कहाजैक 10वीं बोर्ड परीक्षा में कोई ड्रेस कोड निर्धारित नहीं है. यदि कोई शिक्षक विद्यार्थियों को परेशान कर रहा है, तो इसकी गहन जांच कर कठोर कार्रवाई की जायेगी.
देवलाल करमाली, बीडीओ सह दंडाधिकारी, डंडई
…………………बोर्ड परीक्षा में ड्रेस कोड की कोई अनिवार्यता नहीं है. केंद्र पर इस तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. संबंधित केंद्राधीक्षक और दोषी शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा जायेगा और उन पर सख्त कार्रवाई होगी.
कैसर राजा, जिला शिक्षा पदाधिकारीप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
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