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दानरों नदी का सौंदर्यीकरण फाइलों में उलझा

Updated at : 22 Dec 2025 8:55 PM (IST)
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दानरों नदी का सौंदर्यीकरण फाइलों में उलझा

कोयल रिवर फ्रंट की सुंदरता से गढ़वा के जनप्रतिनिधि भी प्रभावित, पर

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कोयल रिवर फ्रंट की सुंदरता से गढ़वा के जनप्रतिनिधि भी प्रभावित, पर प्रतिनिधि, गढ़वा पलामू प्रमंडल के मुख्यालय मेदिनीनगर स्थित कोयल नदी के तट पर बने कोयल रिवर फ्रंट की खूबसूरती अब गढ़वा जिले के जनप्रतिनिधियों को भी आकर्षित कर रही है. हाल ही में गढ़वा जिला परिषद की अध्यक्ष शांति देवी ने इस रिवर फ्रंट का दौरा किया और वहां की सुंदरता पर एक वीडियो रील बनायी. इस रील को सोशल मीडिया पर साझा करने के बाद, मेदिनीनगर की पूर्व मेयर अरुणा शंकर ने इसे सराहते हुए विकास कार्यों की सफलता के रूप में इसे प्रस्तुत किया. उन्होंने लिखा कि विकास जब धरातल पर उतरता है, तो उसकी गूंज दूर-दूर तक सुनायी देती है. मेरे महापौर कार्यकाल के दौरान जो सपना हमने देखा और उसे साकार किया, आज उसे पड़ोसी जिले भी सराह रहे हैं. यह पलामू प्रमंडल के लिए गौरव का प्रतीक बन गया है. जहां मेदिनीनगर का कोयल रिवर फ्रंट सैलानियों और वीआइपी मेहमानों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है, वहीं दूसरी ओर गढ़वा की दानरो नदी के सौंदर्यीकरण का मामला अभी भी प्रशासनिक प्रक्रिया में उलझा हुआ है. कोयल रिवर फ्रंट की तरह ही दानरो नदी के किनारे को विकसित करने की योजना बनायी गयी है, लेकिन इस पर काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है. क्या कहते हैं अधिकारी? गढ़वा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि दानरो नदी को विकसित करने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली गयी है और इसे विभाग को तकनीकी तथा वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा गया है. हालांकि, विभाग से अभी तक अंतिम स्वीकृति नहीं मिल पायी है. स्थानीय लोगों में उम्मीद गढ़वा के स्थानीय लोग भी इस योजना के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं. उनका मानना है कि यदि दानरो नदी के किनारे कोयल रिवर फ्रंट जैसा स्वरूप मिलता है, तो न केवल शहर की सुंदरता में वृद्धि होगी, बल्कि पर्यटन और रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे. फिलहाल, पलामू के विकास मॉडल की चर्चा गढ़वा में भी हो रही है. हालांकि, स्थानीय लोग इस बात से भी चिंतित हैं कि जहां एक ओर कोयल रिवर फ्रंट की रील सोशल मीडिया पर वाहवाही बटोर रही है, वहीं गढ़वा की दानरो नदी की स्थिति बेहद चिंताजनक है. यह नदी अतिक्रमण, प्रदूषण और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो चुकी है. गढ़वा में दानरो नदी के सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया में हो रही देरी स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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