भारत ने ही विश्व को सुसभ्य बनाया : मदन

Published at :13 Feb 2017 9:24 AM (IST)
विज्ञापन
भारत ने ही विश्व को सुसभ्य बनाया : मदन

भरतमुनि स्मृति दिवस मनाया गया गढ़वा : संस्कार भारती की गढ़वा जिला इकाई ने शनिवार की शाम भरतमुनि स्मृति दिवस का आयोजन किया. इस अवसर पर विभिन्न विद्यालय व संस्था से जुड़े कलाकारों ने गीत, संगीत व नाट्य की प्रस्तुति कर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया. स्थानीय मेलोडी मंडप में आयोजित कार्यक्रम का उदघाटन […]

विज्ञापन
भरतमुनि स्मृति दिवस मनाया गया
गढ़वा : संस्कार भारती की गढ़वा जिला इकाई ने शनिवार की शाम भरतमुनि स्मृति दिवस का आयोजन किया. इस अवसर पर विभिन्न विद्यालय व संस्था से जुड़े कलाकारों ने गीत, संगीत व नाट्य की प्रस्तुति कर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया. स्थानीय मेलोडी मंडप में आयोजित कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल 172वीं बटालियन के कमान अधिकारी श्री कैलाश आर्य, एसीजेएम बिनोद तिवारी,ज़िला न्यायाधीश पंचम कमल नयन पाण्डेय,नगर परिषद् गढवा के उपाध्यक्ष अनिल पाण्डेय,भाजपा नेता अलखनाथ
पाण्डेय,संस्कार भारती झारखण्ड प्रान्त के साहित्य प्रमुख डॉ.नथुनी पाण्डेय आज़ाद,संस्कार भारती के पलामू विभाग प्रमुख नीरज श्रीधर, गढवा ज़िला इकाई के अध्यक्ष रामविलास प्रसाद ने नाट्यशास्त्र के प्रणेता भरतमुनि के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान सभी अतिथियों को श्रीमद्भगवद्गीता प्रदान कर सम्मानित किया गया. तत्पश्चात संस्कार भारती के जिला उपाध्यक्ष ब्रजेश तिवारी व मातृशक्ति प्रमुख अंजलि शाश्वत ने साधयति संस्कार भारती ध्येय गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरूआत की. इसमें पंकज कुमार,लव कुमार,उपाध्यक्ष श्याम नारायण पाण्डेय व अरविंद तिवारी ने सह गायक की भूमिका निभायी. कार्यक्रम में विषय प्रवेश कराते हुए ज़िला न्यायाधीश पंचम कमल नयन पाण्डेय ने कहा कि भारत ने ही विश्व को सुसभ्य बनने का ज्ञान प्रदान किया है. इसीलिए इसे विश्वगुरु कहा जाता था. कालांतर में कुछ निकृष्ट मानसिकता वाले लोगों ने हमारी संस्कृति पर कुठाराघात करने का घृणित कार्य किया है. संस्कार भारती कला साधकों व कला प्रेमियों के माध्यम से अपने राष्ट्र को परम वैभवशाली बनाने का सार्थक प्रयत्न कर रही है. इसी कड़ी में आज सम्पूर्ण भारतवर्ष में पंचम वेद के रूप में ख्यातिलब्ध नाट्यशास्त्र के प्रणेता भरतमुनि को केंद्र में रखकर ‘भरतमुनि स्मृति दिवस’ मनाया जा रहा है.
इस आयोजन के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श व्यक्तित्व को जन-जन तक पहुंचाने हेतु नाट्य मंचन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि नाटक सम्प्रेषण का सबसे सशक्त माध्यम होता है. भरतमुनि का नाट्यशास्त्र दुनिया के समस्त रंगकर्मियों हेतु आधार स्वरुप है. हमें भी अपनी सभ्यता व संस्कृति को पल्लवित व पुष्पित करने हेतु सदैव प्रयास करना चाहिये. समारोह में सर्वप्रथम प्रांजल तिवारी ने वंशी वादन कर सभी को मंत्रमुग्ध करने का काम किया. इसके बाद स्मार्त एवं अश्मि ने बालक श्रीकृष्ण के प्रति माता यशोदा के वात्सल्य प्रेम का अपने नृत्य के माध्यम से जीवंत प्रस्तुतीकरण कर सभी को भाव-विभोर कर दिया. इसके पश्चात बीएसकेडी पब्लिक स्कूल के शिक्षक सत्यनारायण विभूति द्वारा लिखित व निर्देशित लघु नाटिका ‘श्रीकृष्ण की चेतावनी’ का सफल मंचन उसी विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा किया गया.
इसके माध्यम से यह सन्देश दिया गया कि श्रीकृष्ण ने किस प्रकार से युद्ध को रोकने का अथक प्रयत्न किया,किन्तु दुर्योधन व उसके भाइयों आदि के द्वारा उन्हें अपमानित भी किया गया. इसके बाद वे श्रीकृष्ण में युद्ध की चेतावनी देते हुए वहां से प्रस्थान किया था. इस दौरान संस्कार भारती उपाध्यक्ष ब्रजेश तिवारी ने श्री राधे गोविंदा… भजन प्रस्तुत किया. कार्यक्रम में बीपीडीएवी के शिक्षक शम्भू तिवारी द्वारा लिखित व निर्देशित संस्कृत भाषा में लघुनाटिका श्रीकृष्णार्जुनीयम का सफल मंचन उसी विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा किया गया.संस्कृत भाषा में प्रस्तुत इस लघु नाटिका के माध्यम से श्रीकृष्ण के द्वारा किंकर्तव्यविमूढ़ अर्जुन को आत्मा के वास्तविक स्वरुप का ज्ञान कराते हुए दिखाया गया था.
इस मौके पर सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर सूर्य प्रताप सिंह पाण्डेय ने अपनी कविता इस तरह से मुझे मत देखिए… के माध्यम से नारी की व्यथा प्रस्तुत की. कार्यक्रम के अंत में नाट्य व नृत्य प्रस्तुत करने वाले कलाकारों को नटराज का स्मृति चिन्ह व सम्मान पत्र प्रदान किया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि कैलाश आर्य ने कहा कि संस्कार भारती के द्वारा मर्यादित तरीके से कार्यक्रम प्रस्तुत कर अत्यंत ही सराहनीय व अनुकरणीय कार्य किया जा रहा है. हम सभी को हर प्रकार से इस संस्था को सहयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह सत्य है कि आज समाज में कुछ विकृतियां दिखलाई पड़ रही हैं, किन्तु हम यदि सजग हो जाएं तो समाज निश्चित ही सुसभ्य व समृद्ध हो जाएगा.
कार्यक्रम में संस्था के संरक्षक डॉ पातंजलि केशरी,मदन प्रसाद केशरी व कृत्यानंद श्रीवास्तव,कार्यक्रम संयोजक दयाशंकर गुप्ता,विमला केशरी, बीपीडीएवी के शिक्षक राजेश मिश्र,मृणाल कान्ति पाल, मनोज कुमार सिन्हा,शम्भू तिवारी,कोषाध्यक्ष जयप्रकाश राम, सहमंत्री संतोष पुरी, उपाध्यक्ष श्याम नारायण पाण्डेय, अरविंद तिवारी, ब्रजेश तिवारी, संगीत प्रमुख राजू सोनी, सुधांशु कुमार, सद्दाम, शिक्षक सत्यनारायण विभूति, पंकज कुमार,लव कुमार, पंकज कुमार व अंजलि शाश्वत को श्रीमद्भगवद्गीता प्रदान कर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन अंजलि शाश्वत ने तथा धन्यवादज्ञापन रामविलास प्रसाद ने किया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola