तीन साल से काम नइखे चलत

Updated at :23 Oct 2013 2:18 AM
विज्ञापन
तीन साल से काम नइखे चलत

स्थानीय मजदूरों को 100 दिन का भी नहीं मिल रहा है काम रंका(गढ़वा) : मनरेगा के तहत अकुशल मजदूरों को 100 दिन रोजगार की गारंटी देने की योजना सिर्फ कागजी साबित हो रही है. मजदूरों को न तो 100 दिन रोजगार मिल रहा है और न ही रोजगार भत्ता, जिसके कारण इलाके के मजदूर पहले […]

विज्ञापन

स्थानीय मजदूरों को 100 दिन का भी नहीं मिल रहा है काम

रंका(गढ़वा) : मनरेगा के तहत अकुशल मजदूरों को 100 दिन रोजगार की गारंटी देने की योजना सिर्फ कागजी साबित हो रही है. मजदूरों को तो 100 दिन रोजगार मिल रहा है और ही रोजगार भत्ता, जिसके कारण इलाके के मजदूर पहले की तरह काम के लिए बाहर पलायन को मजबूर हो रहे हैं.

रंका अनुमंडल के रमकंडा प्रखंड के सुली गांव से हो रहा मजदूरों का पलायन इसके उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है. महिला मजदूर फूलकुमारी देवी, रिंकी देवी, चिंता देवी, अनिता कुमारी, गौरी देवी, समुद्री देवी, फगुनी देवी आदि ने बताया कि गांव में तीन साल से कोई काम नइखे चलत. कहीं खेत में काम नइखे.

भूखे मरे के नौबत बा. मजदूरों ने यह भी बताया कि मनरेगा से काम चलता भी है, तो उसकी मजदूरी कब मिलेगी, निश्चित नहीं रहता हे. उनका कहना है कि मनरेगा आने से रोजगार की गारंटी मिल गया है, लेकिन मजदूरी भुगतान की गारंटी नहीं मिली है. काम करने के कम से कम एक महीने के बाद ही मजदूरी का भुगतान होता है. इसके कारण काम करने के बाद भी भूखे मरने की नौबत होती है. इसके कारण वे सब पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के राजपुर जा रहे हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola