झारखंड : 11 नाबालिग और दो बच्ची को उठा ले गये नक्सली, विरोध करने पर पीटा और धमकाया

Updated at : 11 Nov 2017 2:50 AM (IST)
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झारखंड : 11 नाबालिग और दो बच्ची को उठा ले गये नक्सली, विरोध करने पर पीटा और धमकाया

गढ़वा : नाबालिग, बच्ची समेत 13 को अगवा कर भाकपा माओवादी झारखंड व छत्तीसगढ़ की सीमा स्थित बूढ़ापहाड़ पर (गढ़वा) ले गये हैं. सभी अगवा बूढ़ा गांव और झलडेरा टोला के रहनेवाले हैं. अगवा लोगों के परिजनों के अनुसार, संगठन का विस्तार करने की बात कह दीपावली और छठ के समय नक्सली गांव आये और […]

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गढ़वा : नाबालिग, बच्ची समेत 13 को अगवा कर भाकपा माओवादी झारखंड व छत्तीसगढ़ की सीमा स्थित बूढ़ापहाड़ पर (गढ़वा) ले गये हैं. सभी अगवा बूढ़ा गांव और झलडेरा टोला के रहनेवाले हैं. अगवा लोगों के परिजनों के अनुसार, संगठन का विस्तार करने की बात कह दीपावली और छठ के समय नक्सली गांव आये और 11 नाबालिग बच्चे, दो लड़की को जबरन उठा ले गये.
विरोध करने पर उन्होंने मारपीट कर धमकाया भी. उन्होंने कहा कि नक्सली संगठन में शामिल किये जाने के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई भी छूट गयी है़ बताया जाता है कि बूढ़ा पहाड़ पर 250 से अधिक नक्सली जुटे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में संगठन का विस्तार करने की बात कह नक्सली बूढ़ा गांव के अलावा झलडेरा, पुनदाग, पिपरढाहा गांव में गये थे. उन्होंने ग्रामीणों पर बच्चों को संगठन में शामिल करने का दबाव दिया था. भयवश ग्रामीण अपने बच्चों को रिश्तेदारों के यहां भेज
दिये हैं. झलडोरा गांव की रहनेवाली एक महिला के पति को भी नक्सली अपने दस्ते में शामिल करने के लिए जबरन उठा ले गये हैं. उसने बताया कि लगभग 300 की संख्या में शाम को नक्सली उसके घर पहुंचे थे़ उसके पति से नक्सलियों ने दस्ता में शामिल होने को कहा. उसके इनकार करने पर जम कर उसकी पिटाई की गयी. इसके बाद उसे जबरन उठा ले गये.
बूढ़ा पहाड़ को पुलिस ने घेरा : बूढ़ा पहाड़ पुलिस के लिए चुनौती भरा क्षेत्र है़ बूढ़ा पहाड़ के नीचे करीब छह गांव हैं,जहां पुलिस अभी अस्थायी कैंप लगाये हुए है. साथ ही जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर से भी नजर रख जाती है़ इस पहाड़ी का ज्यादातर हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य में शामिल है़ इस वजह से नक्सलियोंं के खिलाफ दोनों राज्यों की संयुक्त कार्रवाई होती है़
बूढ़ा पहाड़ के ऊपर 780फीट की ऊंचाई पर बूढ़ा नामक आदिवासी बहुल गांव है. इस गांव में 22 परिवार रहता हैं. पहाड़ के नीचे तक पुलिस अस्थायी कैंप लगा नक्सलियों पर नजर रखती है. कई बार ऐसी खबरें आती हैं कि केंद्रीय कमेटी सदस्य अरविंदजी, विमलजी, मृत्युंजयजी, सुधाकरण एवं उसकी पत्नी स्थायी रूप से छुपे हैं. लेकिन दुरूह क्षेत्र होने एवं लैंड माइंस बिछाये जाने की आशंका की वजह से पूरे बूढ़ा पहाड़ को खंगाला नहीं जा सका है़
गढ़वा : विरोध करने पर पीटा और धमकाया
बूढ़ा पहाड़ पर करीब 250 माओवादियों के जुटने की सूचना
सुधाकरण, अरविंदजी जैसे केंद्रीय कमेटी के सदस्य भी हैं शामिल
झारखंड के गढ़वा, लातेहार व छत्तीसगढ़ पुलिस ने घेर रखा है बूढ़ा पहाड़ को
एसपी ने कहा
भ्रामक बातें, किसी ने शिकायत नहीं की
एसपी मो अर्शी ने कहा कि इस संबंध में किसी ने शिकायत नहीं की है़ बूढ़ा पहाड़ बहुत बड़ा क्षेत्र है, जिसका छोटा हिस्सा गढ़वा जिले की सीमा में आता है़ नक्सली संगठन में भर्ती कराने के लिए युवकों को ले जाने संबंधी बात भ्रामक है़
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