डुमरिया. डुमरिया प्रखंड के उपबांकीशोल में संचालित क्रशर के संचालक आशीष अग्रवाल द्वारा लीज एरिया में बुधवार शाम को पत्थर खनन के लिए ब्लास्टिंग की गयी. इससे कासगार गांव थर्रा गया. कई घरों में दरारें आ गयीं. ब्लास्टिंग की आवाज काफी दूर तक सुनायी दी. इससे नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को कार्यस्थल जाकर विरोध जताया. खनन कार्य को बंद कराया तथा प्रदर्शन किया. ग्रामीण काफी आक्रोशित दिखे. विरोध जताने वालों में माझी परगना महाल के लखन मार्डी, हरिपुर टोला के प्रधान सुनाराम मुर्मू, गौरांग महतो, वार्ड सदस्य बुद्धेश्वर सरदार, उपेंद्र सिंह सरदार, करण महतो, बिस्केसन लोहार, रोहित महतो, फूलचांद महतो, देवराज महतो, धीरेन कालिंदी, रवि टुडू, राजाराम मुर्मू, राम हो, तपन बेरा शामिल थे. वहीं महिलाओं में अन्नपूर्णा दास, सुरजमनी सरदार, लीली बेरा, जुमी सरदार, आलादी सरदार, सीता हो, दासमा हो, मुगली हो, द्रौपदी बेरा, झुनु दास, रेवती दास, बेहुला दास, कुनु दास आदि शामिल हुईं. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तालाब को भी लीज में दे दिया गया है. यहां भी खनन शुरू कर दिया गया है. ग्रामीणों के आरोप से डुमरिया अंचल कार्यालय कठघरे में आ गया है. ग्रामीणों ने कहा कि तालाब को लीज में कैसे दे दिया गया. जहां ब्लास्टिंग की जा रही है वह तालाब का एरिया है.
खनन से गांव का जलस्तर नीचे जा रहा :
ग्रामीणों ने गांव के इतने नजदीक लीज देने का भी विरोध किया. सवाल उठाया कि गांव के नजदीक कैसे लीज देकर खनन का अधिकार दिया गया. इसके लिए गांव में कोई ग्रामसभा भी नहीं हुई. ग्रामीणों ने कहा कि खेती वाले धान की जमीन में भी लीज दिखाकर खनन किया जा रहा है. इसमें प्रशासन की भूमिका संदिग्ध बतायी गयी है. असमय हैवी ब्लास्टिंग की जाती है. इससे आसपास में पत्थर के टुकड़े गिर रहे हैं. खनन से गांव का जलस्तर नीचे जा रहा है. नलकूपों में पानी का स्तर घट गया है. ब्लास्टिंग एरिया में बाड़ा भी नहीं लगाया गया है.वाहनों के परिचालन से सड़कें बदहाल :
ग्रामीणों ने कहा कि रात दिन पत्थर लदे वाहनों के परिचालन से गांवों की सड़कें बदहाल हो गयी हैं. धूल से लोग परेशान हैं. ग्रामीणों ने संचालक से कहा कि जबतक ग्रामसभा नहीं होगी, तबतक खनन व पत्थरों का परिवहन बंद रहेगा. महिलाओं ने कहा कि विस्फोट इतनी भयानक था कि पूरा गांव थर्रा गया. घर की दीवारों में दरारें आ गयीं. कई लोगों के घरों का एजबेस्टस टूट गये.– लीज एरिया में नियम के तहत खनन हो रहा है. सुरक्षा मानकों का भी ध्यान रखा जा रहा है. बाड़ भी लगाये जायेंगे. ब्लास्टिंग मानक के अनुरूप होती है. सुरक्षा के और पुख्ता इंतजाम किये जायेंगे. किसी को परेशानी नहीं होने दी जायेगी.
– आशीष अग्रवाल
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