गालूडीह.
घाटशिला प्रखंड का पुतड़ू गांव टुसू पर्व के दिन बुधवार को मातम में डूबा रहा. दरअसल, गांव का बेटा भाजपा नेता तारापद महतो की दो पहले 12 जनवरी को ठीक चाउड़ी के दिन गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. बुधवार को गांव में मकर संक्रांति (टुसू पर्व) नहीं मनी. हर कोई गम में डूबा है. ज्ञात हो कि कुड़मी समाज का सबसे बड़ा पर्व टुसू है. इसके बावजूद सुबह से गांव में सन्नाटा पसरा रहा. गलियां वीरान रहीं. बच्चे, महिलाएं, युवा, पुरुष सभी ने तारापद महतो की हत्या के गम में टुसू पर्व नहीं मनाया.सभी अपने घरों थे. एमजीएम में पड़ा है शव, ठंडे पड़े हैं घरों के चूल्हे
वहीं, तारापद महतो की पत्नी उपमुखिया आशा रानी महतो, बेटा अनूप महतो, भाई षष्ठी महतो समेत परिजन गमगीन हैं. दो दिनों से शव एमजीएम अस्पताल के शीतगृह में पड़ा है. अब तक दाह संस्कार नहीं हुआ है. कई घरों के चूल्हे ठंडे पड़े हैं. पत्नी की आंख से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा है.
पुलिस-प्रशासन की चूक से हुई घटना : शीतल ओहदार
बुधवार को टोटेमिक कुड़मी समाज के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष शीतल ओहदार, झामुमो के वरिष्ठ नेता आस्तिक महतो, कुड़मी संस्कृति विकास समिति के केंद्रीय अध्यक्ष स्वपन कुमार महतो, जेएलकेएम के नेता रामदास मुर्मू, राजेश महतो, देवलाल महतो, खोकन महतो आदि गांव पहुंचे. शीतल ओहदार ने कहा कि प्रज्ञा केंद्र में घुस कर सरेशाम तारापद महतो को गोली मारना जघन्य अपराध है. पूरा परिवार उजड़ गया. पीड़ितों को पुलिस-प्रशासन इंसाफ दिलाये. हत्या की कड़ी भूमि विवाद से जुड़ी है. समय रहते प्रशासन ने नहीं सुलझाया, जिससे बात यहां पहुंच गयी. पुलिस-प्रशासन की चूक है. हत्याकांड के असल साजिशकर्ता को पुलिस गिरफ्त में ले. पूरी कहानी सामने आये.‘दोषियों को कड़ी सजा मिले, इंसाफ मिलने तक चुप नहीं बैठेंगे’
आस्तिक महतो ने कहा कि घटना समाज को झकझोर देने वाली है. हर हाल में पीड़ित परिवार को इंसाफ और दोषियों को कड़ी सजा मिले. पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिले. हत्याकांड से जिन लोगों के तार जुड़े हैं, सभी को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेजे. रामदास मुर्मू ने कहा कि इंसाफ मिलने तक चुप नहीं बैठेंगे. सभी मृतक की पत्नी आशा रानी महतो, बेटे अनूप महतो, भाई षष्टी महतो से मिले. पूरी जानकारी लेते हुए ढांढस बंधाया.
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