East Singhbhum News : स्वशासन व्यवस्था के विरुद्ध काशिदा गांव में नारी अदालत गठन का विरोध

Updated:
विज्ञापन
East Singhbhum News : स्वशासन व्यवस्था के विरुद्ध काशिदा गांव में नारी अदालत गठन का विरोध

संविधान की 5वीं अनुसूची के तहत रूढ़ि प्रथाओं को कानूनी मान्यता मिली : बहादुर सोरेन

विज्ञापन

घाटशिला. घाटशिला की काशिदा पंचायत स्थित काशिदा माझी आखड़ा में रविवार को माझी बाबा दुर्गा मुर्मू की अध्यक्षता में ग्रामसभा आयोजित हुई. बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट की ओर से पांचवीं अनुसूची क्षेत्र की 10 पंचायतों में नारी अदालत योजना को स्वीकृति देने पर इसका विरोध किया गया. परंपरागत स्वशासन व्यवस्था माझी परगना महाल के घाटशिला प्रखंड अध्यक्ष बहादुर सोरेन और महासचिव सुधीर कुमार सोरेन ग्राम सभा में शामिल हुए. ग्रामवासियों ने पूर्वी सिंहभूम की एकमात्र काशिदा पंचायत को इस योजना में शामिल करने पर विरोध जताया. ग्रामीणों का कहना है कि यहां परंपरागत स्वशासन व्यवस्था कायम है, जहां ग्रामसभा सभी प्रकार के विवादों का न्यायपूर्ण निपटारा करती है. नारी अदालत गठन से गांव-समाज में सामाजिक दरार पैदा हो सकती है. बहादुर सोरेन ने कहा कि भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत रूढ़ि प्रथाओं को कानूनी मान्यता मिली है. भूरिया समिति की सिफारिश पर संसद ने 24 दिसंबर 1996 को पेसा एक्ट लागू किया, जो ग्रामसभा को सर्वांगीण विकास, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण व प्रबंधन का अधिकार देता है. ग्राम सभा में भाकुट मुर्मू, जितेन मुर्मू, विस्टु मुर्मू, किसुन वेसरा, मुटुराम बेसरा, दागदु हांसदा, संजय बेसरा, सूरज बुलदार, किष्टो टुडू, साहेब मुर्मू आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Atul Pathak

लेखक के बारे में

By Atul Pathak

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola