East Singhbhum News : 2001 में बंद हुई थी माइंस, 350 मजदूरों को जबरन वीआरएस
Updated at : 04 Oct 2025 11:39 PM (IST)
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एचसीएल (हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड) की बंद पड़ी केंदाडीह माइंस को लीज मिलने से स्थानीय लोगों में खुशी है.
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मुसाबनी.
एचसीएल (हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड) की बंद पड़ी केंदाडीह माइंस को लीज मिलने से स्थानीय लोगों में खुशी है. एचसीएल ने जनवरी 2001 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तांबे के मूल्य में गिरावट के कारण श्रम मंत्रालय से क्लोजर की अनुमति के बाद केंदाडीह माइंस को बंद कर दिया था. उस समय करीब 350 मजदूरों को जबरन वीआरएस लेना पड़ा था. लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमइ) में तांबे के मूल्य में आयी तेजी के बाद एचसीएल ने बंद केंदाडीह माइंस समेत अन्य खदानों को फिर से खोल ने की कवायद शुरू की. ज्ञात हो कि केंदाडीह में 116.97 मिलियन टन और राखा में 229.26 मिलियन टन का अयस्क भंडार है.2012 में पानी निकासी पर माइनिंग डेवलपमेंट कार्य शुरू हुआ
एचसीएल ने केंदाडीह माइंस चालू करने के लिए ग्लोबल टेंडर से ठेका कंपनी एमएमपीएल को वर्ष 2012 में माइंस से पानी निकासी व माइनिंग डेवलपमेंट का कार्यादेश दिया था. ठेका कंपनी एमएमपीएल ने करीब 10 वर्षों में केंदाडीह माइंस से पानी निकासी कर माइनिंग डेवलपमेंट का काम किया.
केंदाडीह माइंस में तांबे का ग्रेड 1.2 प्रतिशत
केंदाडीह माइंस में तांबे का ग्रेड 1.2 प्रतिशत है. तांबे का उच्च ग्रेड होने के कारण यह माइंस एचसीएल के लिए लाभप्रद साबित हो सकती है. खदान को 6 लेवल तक डेवलप किया गया है. इसकी स्थापित क्षमता 2.25 लाख टन वार्षिक की है. राज्य सरकार से लीज डीड रजिस्ट्री के बाद उक्त खदान को फिर से चालू करने की प्रक्रिया ठेका कंपनी प्रारंभ करेगी. इससे इस जनजाति बहुल क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा. यह माइंस क्षेत्र के साथ साथ एचसीएल के लिए वरदान साबित होगी. इसके चालू होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा मिलेगी.1139 हेक्टेयर में है लीज क्षेत्र
केंदाडीह माइंस का लीज क्षेत्र 1139 हेक्टेयर है. इसमें वन भूमि भी है. राज्य सरकार से केंदाडीह माइंस की लीज 20 वर्षों के लिए विस्तारित करने के बाद एचसीएल ने लीज क्षेत्र के वन भूमि के लिए वन एवं पर्यावरण स्वीकृति के लिए ग्राम सभा का आयोजन कर ग्राम सभा से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया. अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से केंदाडीह माइंस के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति मिली. इसके बाद माइंस के संचालन के लिए एचसीएल ने ग्लोबल टेंडर की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया. केंदाडीह माइंस का ग्लोबल टेंडर ठेका कंपनी खेतान माइनिंग को मिला है.
2022 में माइंस संचालन को टेंडर निकला, 2023 में ठेका कंपनी टर्मिनेट
वर्ष 2022 में केंदाडीह माइंस के संचालन के लिए ग्लोबल टेंडर निकाला गया. जॉय माइनिंग को टेंडर मिला. ठेका कंपनी जॉय माइनिंग शर्तों के अनुसार उत्पादन करने में फिसड्डी साबित हुई. इसके बाद 23 मई, 2023 को एचसीएल ने ठेका कंपनी जॉय माइनिंग को टर्मिनेट कर दिया. उस समय माइंस में करीब 300 मजदूर कार्यरत थे. सभी मजदूर बेरोजगार हो गये. माइंस में केवल पानी निकासी का काम एचसीएल कर रही है. 1 जून, 2023 को माइंस की लीज समाप्त हो गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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