घाटशिला.
घाटशिला, मऊभंडार व आसपास के क्षेत्र में मकर पर्व की तैयारियों जोरों पर हैं. लोगों में खासा उत्साह है. सुबह लोग सुवर्णरेखा नदी में स्नान कर सूर्यदेव को अर्घ्य देंगे. जबकि, चूड़ा-दही, तिलकुट और खिचड़ी का सेवन करेंगे. मकर संक्रांति के दिन टुसू पर्व भी मनाया जायेगा. मऊभंडार में सुबह नदी स्नान के बाद संध्या समय टुसू मेला का आयोजन होगा. यहां विभिन्न क्षेत्रों से टुसू प्रतिमाएं पहुंचेंगी. युवक-युवतियां पारंपरिक नृत्य करते हैं. मऊभंडार में जहां मेला लगता है, उसी क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी पर बना पुराना पुल व उससे जुड़ीं सड़कें जर्जर हैं. मऊभंडार मुक्तिधाम से नीचे जाने वाला पुल और संपर्क सड़क जगह-जगह टूट चुकी है. इससे राहगीरों और श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल कभी एचसीएल ने बनाया था. पहले कंपनी के कॉपर अयस्क लदे वाहन इसी पुल से आवागमन करते थे. अब पुल कई हिस्सों में धंस चुका है.ऐतिहासिक पुल के संरक्षण की उठी मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से ऐतिहासिक पुल के संरक्षण और जीर्णोद्धार की मांग की है. लोगों का कहना है कि यह पुल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत भी है. समय रहते मरम्मत नहीं हुई, तो मकर संक्रांति और टुसू मेले के दौरान दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है. समाजसेवी कालीराम शर्मा व स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि कंपनी प्रबंधक को ध्यान देने की आवश्यकता है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

