East Singhbhum News : कुड़मी समाज का रेल टेका आंदोलन आज से, अलर्ट

सोनुआ, मनोहरपुर, चांडिल व गालूडीह स्टेशन में ट्रेनों को रोकने की तैयारी, जिला प्रशासन और रेल प्रबंधन ने बढ़ायी सतर्कता
घाटशिला. आदिवासी कुड़मी समाज द्वारा 20 सितंबर से रेल टेका आंदोलन शुरू किया जायेगा. इसे लेकर समाज द्वारा सोनुआ, टुनिया, मनोहरपुर, सरायकेला, राजखरसावां, चांडिल, गालूडीह में रेल रोकने की संभावना है. इसे लेकर जिला प्रशासन और रेल प्रबंधन पूरी तरह सतर्क है. जिला प्रशासन ने स्टेशन क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी है. रेल प्रशासन ने सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने, ट्रेनों के संचालन पर नजर रखने और संवेदनशील स्टेशनों पर गश्ती तेज करने का निर्णय लिया है.
चक्रधरपुर में आदिवासी कुड़मी समाज ने की बैठक :
समाज के सक्रिय नेता अजीत प्रसाद महतो के नेतृत्व में चक्रधरपुर में पहली बैठक हुई. जबकि दूसरी बैठक संजीव महतो की अगुवाई में हुई. दोनों बैठकों में आंदोलन को व्यापक बनाने पर चर्चा की गयी. बैठक में समाज के विभिन्न प्रखंडों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया.रेल टेका आंदोलन को जेएलकेएम का समर्थन :
आदिवासी कुड़मी समाज द्वारा 20 सितंबर को प्रस्तावित रेल टेका आंदोलन को जोरदार समर्थन मिला है. जेएलकेएम के अध्यक्ष जयराम महतो ने आंदोलन का खुलकर समर्थन किया है. उन्होंने इस संबंध में संगठन से जुड़े सभी राज्य स्तरीय पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को पत्र लिखकर आंदोलन में शामिल होने और इसे सफल बनाने का आह्वान किया है.
सरायकेला-खरसावां जिले में धारा 163 लागू:
जिला प्रशासन ने आदिवासी कुड़मी समाज द्वारा 20 को प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन को देखते हुए विधि-व्यवस्था को लेकर सरायकेला-खरसावां के विभिन्न जगहों में धारा 163 बीएनएस लागू कर दिया गया है. इसमें चांडिल स्टेशन, नीमडीह, हैंसालोंग, झिमड़ी, तिरुलडीह, लेटमदा स्टेशन के पास 25 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है. इसी तरह सरायकेला अनुमंडल के आदित्यपुर स्टेशन, गम्हरिया स्टेशन, विराजपुर स्टेशन एवं यशपुर फाटक, कांड्रा स्टेशन एवं कुनकी हॉल्ट पर निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है. इसके अलावे महालीमोरुप एवं राजखरसावां स्टेशन, सरायकेला अनुमंडल के सभी स्टेशनो में 300 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है.
हिंसक कार्यवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी :
डीसी नितिश कुमार सिंह ने बताया है कि आदिवासी कुड़मी समाज ने 20 सितंबर को समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की मांग को लेकर रेल परिचालन बाधित करने और रेल रोको आंदोलन करने की घोषणा की है. जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें. शांति-व्यवस्था बनाये रखने में प्रशासन का सहयोग करें. स्पष्ट किया कि किसी भी अवैध या हिंसक कार्यवाही को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.चांडिल में प्रशासन ने कई लोगों पर नोटिस जारी किया:
कुड़मी समाज के रेल टेका आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन ने कुड़मी समाज के कई लोगों को शांति भंग करने पर 107 के तहत नोटिस जारी किया गया है. इसमें चांडिल थाना के रसुनिया निवासी राकेश रंजन महतो, सुकसारी के फुलचांद महतो, शहरबेड़ा के देवाशीष महतो, चौका थाना के मातकामडीह निवासी राजेश महतो, बानसा के प्रकाश महतो, पाठक महतो व झाबरी के अनुज महतो शामिल हैं.गालूडीह समेत चार स्टेशनों में दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति
कुड़मी समाज द्वारा अनुसूचित जनजाति में शामिल करने, सरना धर्म कोड लागू करने एवं कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर 20 सितंबर को गालूडीह में प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर जिला प्रशासन सतर्क है. विधि व्यवस्था को लेकर घाटशिला अनुमंडल पदाधिकारी सुनील चंद्र ने शुक्रवार शाम को बीएनएनएस-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है. यह आदेश 19 सितंबर की शाम से लागू हो गया है. यह आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा. प्रशासन ने साफ किया है कि आंदोलन के दौरान विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की आशंका है. इसलिए आम नागरिकों की सुरक्षा और शांति बनाये रखने के लिए यह कदम उठाया गया है. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति-व्यवस्था बनाये रखें. किसी भी अवैध गतिविधि का हिस्सा न बनें.शांति व्यवस्था बनाये रखने में जिला प्रशासन का सहयोग करेंगे दंडाधिकारी :
आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन ने घाटशिला अनुमंडल के चार प्रमुख स्टेशनों इसमें गालूडीह, घाटशिला, धालभूमगढ़ और चाकुलिया में शुक्रवार शाम को ही दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है. ये अधिकारी आंदोलन के दौरान स्थिति पर नजर रखेंगे और शांति-व्यवस्था बनाये रखने में प्रशासन को सहयोग करेंगे.
खेमाशोल में भी रेल टेका-डहर छेका की तैयारी :
पश्चिम बंगाल के खेमोशील में भी कुड़मी समाज का रेल टेका-डहर छेका आंदोलन की तैयारी है. वहीं झारखंड के गालूडीह में पहली बार कुड़मी समाज आंदोलन के लिए उतरेगा. इस मांग को लेकर 2022 से कुड़मी समाज आंदोलित है. हर बार बंगाल के खेमाशोल में रेल और हाइवे जाम किया जाता था. अब झारखंड के गालूडीह में भी आंदोलन की रणनीति बनायी गयी है.
कुड़मी को एसटी में शामिल करने का विरोध, रैली निकाली
चक्रधरपुर में शुक्रवार को कुड़मी समाज को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने की मांग के विरोध में विभिन्न आदिवासी समुदायों ने आदिवासी समन्वय समिति के बैनर तले विशाल आक्रोश रैली निकाली. रैली आदिवासी मित्र मंडल पोटका से शुरू हुई. यह रैली अनुमंडल कार्यालय तक पहुंची. यहां हजारों की संख्या में पारंपरिक वेशभूषा और हथियारों से सुसज्जित आदिवासी महिला-पुरुषों ने एक स्वर में विरोध दर्ज कराया.
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन :
अनुमंडल कार्यालय पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में विस्तार से उल्लेख किया गया कि कुड़मी समुदाय का आदिवासी समाज से कोई ऐतिहासिक, सांस्कृतिक या सामाजिक रिश्ता नहीं रहा है. इसलिए इन्हें अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करना पूरी तरह असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण होगा.
आक्रोश रैली में हजारों लोग शामिल हुए :
इनमें प्रमुख रूप से मथुरा गागराई, दोराई हांसदा, नितिमा जोंको, पंकज बांकिरा, रवींद्र गिलुवा आदि मुख्य थे.
जिले भर से कुड़मी समाज के लोगों का होगा महाजुटान
आदिवासी कुड़मी समाज ने 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन ‘रेल टेका- डहर छेका’ आंदोलन की घोषणा की है. कुड़मी समाज द्वारा यह आंदोलन झारखंड, बंगाल और ओडिशा में एक साथ चलाया जायेगा. गालूडीह में रेल रोको आंदोलन का ऐलान कुड़मी समाज ने किया है. गुरुवार को गालूडीह में आदिवासी कुड़मी समाज ने बैठक कर इसकी घोषणा की. शाम में मशाल जुलूस भी निकाला. कुड़मी समाज के स्वपन महतो ने बताया कि इस आंदोलन में जिले भर के कुड़मी समाज के लोग गालूडीह सुबह में पहुंचेंगे. गालूडीह में रेल टेका-डहर छेका आंदोलन को सफल बनायेंगे.
शुक्रवार से गालूडीह पहुंचने लगे थे समाज के लोग:
शुक्रवार शाम से कुड़मी समाज के लोग गालूडीह पहुंचने लगे थे. शनिवार सुबह में सभी आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर उतरेंगे और हाइवे भी जाम करने की रणनीति बनायी गयी है. शुक्रवार को गालूडीह थाना में घाटशिला इंस्पेक्टर मनोज गुप्ता ने गालूडीह थाना प्रभारी अंकु कुमार और रेलवे पुलिस के साथ बैठक की. रेल टेका डहर छेका आंदोलन के कारण गालूडीह रेलवे स्टेशन में शनिवार को रेल यातायात प्रभावित होने की संभावना है. इसके मद्देनजर रेलवे प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है. रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी. साथ ही धारा 144 लागू कर दिया गया है.
कुड़मी समाज की मांग:
कुड़मी समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग को लेकर को लेकर आदिवासी कुड़मी समाज ने आंदोलन की घोषणा की है. कुड़मी समाज के वरीय केंद्रीय उपाध्यक्ष छोटेलाल महतो ने दावा किया कि 1931 की जनगणना में कुड़मी समाज को एसटी सूची में शामिल किया गया था, पर 1950 में जो नयी सूची तैयार की गयी उसमें बाकी जनजातियों के नाम बने रहे, सिर्फ कुड़मी समाज का नाम हटा दिया गया. यह एक साजिश है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




