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East Singhbhum News : स्किप डिरेल के कारण पांच दिनों से शाफ्ट थ्री में उत्पादन प्रभावित

Updated at : 13 Nov 2025 12:00 PM (IST)
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East Singhbhum News : स्किप डिरेल के कारण पांच दिनों से शाफ्ट थ्री में उत्पादन प्रभावित

ठेका कंपनी आरके अर्थ प्रालि लक्ष्य से पीछे, पेनाल्टी की तलवार लटकी

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मुसाबनी. एचसीएल की सुरदा खदान का संचालन करने वाली ठेका कंपनी आरके अर्थ रिसोर्स प्रालि के समक्ष निविदा के शर्तों के अनुसार उत्पादन चुनौती बन गयी है. लक्ष्य प्राप्ति में ठेका कंपनी अबतक सफल नहीं हुई है. सुरदा माइंस में स्टाफ की कमी, पुरानी मशीनरी व वाइंडिंग की समस्या से लक्ष्य हासिल में बाधा है. माइंस के अंदर स्किप डिरेल होने के कारण पिछले 5 दिनों से 3 नंबर शाफ्ट में उत्पादन प्रभावित है. एचसीएल के साथ ठेका कंपनी रेल पटरी को दुरुस्त कर स्किप चालू करने में लगा है.

मजदूरों ने जताया रोष:

सूत्रों के अनुसार, रेल पटरी दुरुस्त कर स्किप के संचालन के ट्रायल अब तक असफल रहे हैं. स्किप की रेल पटरी में आयी त्रुटि का पता नहीं चल पाया है. स्किप का संचालन शुरू नहीं होने से शाफ्ट-3 के ठेका मजदूरों का रोजगार प्रभावित हो रहा है. बुधवार सुबह की पाली में शाफ्ट 3 के ठेका मजदूरों ने रोजगार की मांग पर प्रबंधन के समक्ष रोष जताया. प्रबंधन ने मजदूरों को समझा कर शांत कराया. प्रबंधन के अनुसार, जल्द तकनीकी खामी का पता लगाकर दुरुस्त कर शाफ्ट 3 में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है. स्किप डिरेल होने से नवंबर माह में उत्पादन बढ़ाने की योजना को धक्का लगा है. इससे ठेका कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. सुरदा माइंस के शाफ्ट-4 में काम हो रहा है. ठेका कंपनी आरके अर्थ रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड पर पेनाल्टी की तलवार लटक रही है.

आठ माह में एक बार भी लक्ष्य प्राप्ति नहीं :

जानकारी हो ठेका कंपनी आर केअर्थ रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड ने 5 फरवरी 2025 में सुरदा माइंस के संचालन का कार्यभार संभाला था. करीब 8 माह होने को है. अब तक किसी माह में उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो पायी है.

ठेका कंपनी को प्रत्येक माह 26417 टन अयस्क उत्पादन का लक्ष्य है. अप्रैल 2025 में 13,446 टन, मई में 14,193 टन, जून में 15198 टन, जुलाई में 16 442 टन, अगस्त में 17771 टन, सितंबर में 17626 टन और अक्तूबर में 19728 टन अयस्क का उत्पादन हुआ. ठेका कंपनी ने नयी मशीनरी मंगायी है. मशीनरी को माइंस के अंदर ले जाकर चालू करना चुनौती बनी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ATUL PATHAK

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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