East Singhbhum News : धोडांगा सबर बस्ती में न सड़क, न पीने का साफ पानी
Author Akash
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घाटशिला की जोड़सा पंचायत के धोडांगा सबर बस्ती के आदिवासी समाज को आजादी के 79 साल बाद भी मूलभूत सुविधाएं जैसे साफ पीने का पानी और सुरक्षित सड़क सुविधा नहीं मिल पा रही है.
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गालूडीह.
घाटशिला की जोड़सा पंचायत के धोडांगा सबर बस्ती के आदिवासी समाज को आजादी के 79 साल बाद भी मूलभूत सुविधाएं जैसे साफ पीने का पानी और सुरक्षित सड़क सुविधा नहीं मिल पा रही है. जलमीनार एक साल से खराब है, चापाकल से पानी पर्याप्त नहीं मिलता और रोगों से पीड़ित ये लोग बुरी तरह प्रभावित हैं. घाटशिला प्रखंड से लगभग 10 किमी दूर बागालगोड़ा गांव में 17 सबर परिवार रहते हैं. जलमीनार की मरम्मत के लिए कई बार विभाग से निवेदन किया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. चापाकल के पानी से लोगों की जरूरत पूरी नहीं होती, जिससे भारी भीड़ लगती है. इन सबर परिवारों का मुख्य रोजगार जंगल से सूखी लकड़ी, फल और फूल लेकर बाजार में बेचने का है. बस्ती के अधिकांश लोग बीमार हैं, खासकर डायरिया और ठंड की वजह से. बरसात के दौरान गंदे पानी के कारण डायरिया के कई मरीज हुए, जो इलाजरत हैं.डायरिया पीड़ित असित सबर को बाइक से पहुंचाया अस्पताल, गांव में एंबुलेंस नहीं पहुंची
धोडांगा सबर बस्ती के कई सबर डायरिया से पीड़ित हैं, जिनमें से कारू सबर (38) और असित सबर (25) की स्थिति गंभीर है. रविवार को असित सबर की हालत बिगड़ने पर ग्रामीणों ने बाइक से अनुमंडल अस्पताल भेजा क्योंकि बस्ती तक सड़क और एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है. शनिवार को मुखिया प्रतिनिधि मंगल सिंह की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम, जिसमें सीएचओ स्नेहा रानी और एएनएम कल्पना महतो शामिल थीं, बस्ती पहुंची और 14 मरीजों का इलाज करके दवा दी.
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