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Ghatshila news : बिचौलिये गटक गये राशि, दो साल से अधूरे पड़े हैं पीएम आवास, जिल्लत की जिंदगी जी रहे धीवर परिवार

Updated at : 22 Nov 2024 11:55 PM (IST)
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Ghatshila news : बिचौलिये गटक गये राशि, दो साल से अधूरे पड़े हैं पीएम आवास, जिल्लत की जिंदगी जी रहे धीवर परिवार

मुसाबनी के रात मोहना में बने आवासों में खिड़की-दरवाजे नहीं, दीवार व फर्श का प्लास्टर तक नहीं हुआ

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मुसाबनी. मुसाबनी प्रखंड की तेरंगा पंचायत स्थित घाघराडीह टोला के लगभग दो दर्जन प्रधानमंत्री आवासों में रहने वाले धीवर परिवार जिल्लत की जिंदगी जी रहे हैं. अधिकतर प्रधानमंत्री आवास पिछले दो वर्षों से अधूरे हैं. अंदर की दीवार और फर्श का प्लास्टर नहीं हुआ है. घटिया निर्माण के कारण दीवारों में दरारें पड़ गयी हैं.

भूमि बंदोबस्त कर पीएम आवास को स्वीकृति मिली थी

दरसअल, सुवर्णरेखा नदी तट पर घाघराडीह के डुंगरी में वन भूमि पर वर्षों से झोपड़ी बनाकर रह रहे धीवर परिवारों को रात मोहना में प्रशासन ने भूमि बंदोबस्ती के साथ प्रधानमंत्री आवास को स्वीकृति दी थी. इससे धीवर परिवारों का वर्षों का घर का सपना पूरा होने की उम्मीद थी. आवासों का निर्माण बिचौलियों ने कराया. बिचौलियों ने घटिया काली ईंटों से आवास निर्माण कर अधूरा छोड़ दिया.

कॉलोनी में बिजली और सड़क नहीं

रात मोहना में धीवरों के लिए बने प्रधानमंत्री आवास कॉलोनी तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है. बारिश में कीचड़ के बीच से आवागमन करना पड़ता है. कॉलोनी में अबतक विद्युत संयोजन नहीं मिला है. धीवर परिवार रात में ढिबरी में रहते हैं. कई धीवर परिवार अधूरे आवासों को छोड़ कर घाघराडीह के डुंगरी में बनी फूस की झोपड़ी में रह रहे हैं. धीवर कॉलोनी के पास से होकर बिजली का तार गुजरता है, लेकिन संयोजन नहीं दिया गया है. पंचायत की मुखिया ने कॉलोनी में पेयजल के लिए सोलर आधारित जलमीनार और कॉलोनी में पीसीसी का निर्माण कराया है.

अधूरे आवास से बेहतर थी झोपड़ी : बेहुला धीवर

बेहुला धीवर के मुताबिक अधूरे प्रधानमंत्री आवास से अच्छा उनकी फूस की झोपड़ी थी. वहां बिजली की सुविधा थी. धीवर परिवार नदी में मछली पकड़ने के बाद बेचकर तथा मजदूरी कर परिवार चलाते हैं. कई परिवारों के पास राशन कार्ड भी नहीं है.

आवास में लगी ईंटें झड़ रही हैं

धीवरों के मुताबिक बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. आवास की दीवार में लगी ईंटें झड़ रही हैं. धीवरों ने अधूरे प्रधानमंत्री आवासों को पूरा करने और बिजली संयोजन देने की मांग की है. अब तक केवल उन्हें आश्वासन ही मिला है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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