गालूडीह के गुड़ाझोर में मलेरिया का प्रकोप बढ़ा, दहशत

Author Mdparwez|Edited by Pradip Kumar Mahto
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18जी 21- गुड़ाझोर के डुंगरीकुल्ही में खटिया पर पड़ी मलेरिया पीड़ित महिला. 18जी 22- मलेरिया जोन बीहड़ गांव गुड़ाझोर. 18जी 23- डुंगरीकुल्ही जाने वाली जंगलों से घिरी जर्जर पगडंडी सड़क18जी 24- स्वास्थ्य विभाग से जो दवा मिली वह दिखाते ग्रामीण  | Prabhat Khabar Network

खटिया पर पड़ी मलेरिया पीड़ित महिला

गालूडीह के गुड़ाझोर गांव में मलेरिया का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और दवा का कोर्स पूरा करने की सलाह दी है।

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संवाददाता,गालूडीह: लगातार हो रही बारिश के बीच गालूडीह थाना क्षेत्र के बीहड़ और दुर्गम इलाकों में मलेरिया का खतरा तेजी से पैर पसार रहा है. ताजा मामला गुड़ाझोर गांव के डूंगरीकुल्ही टोला का है. यहां शंकर सिंह की 30 वर्षीय पत्नी रुपाली सिंह मलेरिया की चपेट में आकर लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं. गांव में लगातार मिल रहे मलेरिया के मामलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया है कि मरीजों को केवल दवा देकर छोड़ दिया जाता है. गंभीर मरीजों की नियमित निगरानी नहीं की जा रही है, जिसके कारण लोग निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं.

जलजमाव से बढ़ा मच्छरों का प्रकोप, फॉगिंग की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि बीहड़ इलाका होने के कारण समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं पहुंच पाती हैं. लगातार बारिश से गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी जलजमाव हो गया है. इससे मच्छरों का प्रकोप चरम पर है. ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्र में नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने, फॉगिंग करने, लार्वा नियंत्रण अभियान चलाने और गंभीर मरीजों के लिए बेहतर आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है.

बीच में न छोड़ें दवा का कोर्स : स्वास्थ्य विभाग

दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में शिविर लगाकर मलेरिया की जांच की जा रही है. विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि बुखार आने पर वे तुरंत जांच करायें और चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवा लें. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मलेरिया की दवा का कोर्स बीच में छोड़ना या बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद करना बीमारी को बेहद गंभीर और जानलेवा बना सकता है. विभाग ने लोगों से अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने तथा घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी है.

मलेरिया की दवा कभी भी खाली पेट नहीं खानी चाहिए. पहले भरपेट भोजन करें, उसके बाद ही दवा लें. खाली पेट दवा लेने से कुछ लोगों को मतली, उल्टी या पेट संबंधी परेशानी हो सकती है. समस्या होने पर घबराने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर चिकित्सकीय जांच करायें. मलेरिया की दवा को बीच में न छोड़ें. -

डॉ आरएन सोरेन, प्रभारी चिकित्सक, अनुमंडल अस्पताल, घाटशिला\\B


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