चुनाव को पर्व के रूप में प्रचार-प्रसार करने पर लगे रोक

Updated at : 27 Mar 2024 10:02 PM (IST)
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चुनाव को पर्व के रूप में प्रचार-प्रसार करने पर लगे रोक

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आदिवासी छात्र एकता ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के नाम डीसी को मांग पत्र सौंपा

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आदिवासी छात्र एकता ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के नाम डीसी को मांग पत्र सौंपा

जमशेदपुर.

आदिवासी छात्र एकता ने लोकसभा चुनाव को चुनाव का पर्व के रूप में प्रचार-प्रसार करने पर रोक लगाने की मांग की है. इसे लेकर आदिवासी छात्र एकता के संयोजक इंद्र हेंब्रम व केंद्रीय सदस्य – राज बांकिरा ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग – राजीव कुमार के नाम एक मांग पत्र जिले के उपायुक्त को सौंपा. सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि भारत को विश्व में पर्व-त्योहार का देश माना जाता है और इसकी पहचान ‘विविधता में एकता’ है. इस अवधारणा के लिए भारत एक बेहतर उदाहरण है, परंतु लोकसभा चुनाव – 2024 के प्रचार में चुनाव आयोग द्वारा चुनाव पर्व कहना उचित नहीं लग रहा है. लोकतंत्र के सभी पहलुओं के मद्देनजर प्रचार इस तरह होना चाहिए कि वह सभी वर्गों के लिए मान्य हो. आदिवासी छात्र एकता ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि चुनाव पर्व के स्थान पर किसी उचित शब्द का प्रयोग किया जाये.

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