हेंदलजुड़ी की किशोरी की मौत की स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

Author Sidharth Anand|Edited by Sweta Vaidya
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हेंदलजुड़ी की किशोरी की मौत की स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

परिजनों से जानकारी लेते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी | Prabhat Khabar Network

घाटशिला की किशोरी की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की। मेडिकल रिपोर्ट में मलेरिया और सेप्सिस का उल्लेख, टीम ने परिजनों से ली जानकारी।

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घाटशिला प्रखंड के हेंदलजुड़ी गांव की 14 वर्षीय किरण हांसदा की पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम मेडिकल कॉलेज में हुई मौत की पूर्वी सिंहभूम स्वास्थ्य विभाग ने आधिकारिक जांच शुरू कर दी है. मंगलवार को अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आरएन सोरेन के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम हेंदलजुड़ी गांव पहुंची. टीम ने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली.

मृत्यु रिपोर्ट में फैल्सीपेरम मलेरिया का उल्लेख, जांच जारी

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आर.एन. सोरेन ने बताया कि झाड़ग्राम मेडिकल कॉलेज द्वारा जारी मृत्यु रिपोर्ट (डेथ रिपोर्ट) में किशोरी की मौत का प्राथमिक कारण फैल्सीपेरम मलेरिया और सेप्सिस बताया गया है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के वास्तविक कारणों की शत-प्रतिशत पुष्टि पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी. आशंका है कि किसी अन्य गंभीर संक्रमण के कारण किशोरी की स्थिति अत्यधिक बिगड़ गयी हो. डॉ सोरेन ने बताया कि घाटशिला प्रखंड में अब तक फैल्सीपेरम मलेरिया के 140 से 145 मरीज मिल चुके हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि सभी का समय पर सही उपचार कर उन्हें पूरी तरह स्वस्थ किया गया है.

रिश्तेदार के घर गयी थी किरण, झाड़-फूंक के चक्कर में बिगड़ी बात!

अब तक की प्राथमिक जांच में जो बातें सामने आयी हैं, उसके अनुसार 4 जुलाई को किरण धालभूमगढ़ प्रखंड के जगन्नाथपुर स्थित अपने रिश्तेदार के घर गयी थी. 11 जुलाई को वहां अचानक उसकी तबीयत खराब हो गयी, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर कुछ दवाइयां ली गयीं. वहीं, 12 जुलाई को हालत गंभीर होने पर परिजन उसे वापस अपने गांव हेंदलजुड़ी ले आये. 13 जुलाई को परिजनों ने पहले अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक और अन्य पारंपरिक उपचार कराने का प्रयास किया, जिससे स्थिति और बिगड़ गयी. बाद में हालत अत्यंत नाजुक होने पर उसे स्वर्णरेखा नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे तुरंत झाड़ग्राम मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.इस उच्चस्तरीय जांच दल में डॉ. देवाशीष मंडल, मलेरिया पदाधिकारी दुलाल हेंब्रम, चित्रा मांझी, सुमित्रा मार्डी और वंदना कालिंदी सहित अन्य शामिल रहे.


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