East Singhbhum News : बिना दस्तावेज समुदाय विशेष के तीन हजार बच्चों के बना दिये फर्जी जन्म प्रमाण पत्र

Published by : ANUJ KUMAR Updated At : 16 Apr 2025 11:53 PM

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चाकुलिया के माटियाबांधी पंचायत से जारी किये गये सर्टिफिकेट, निजी स्कूलों में फीस माफी के लिए किया गया फर्जीवाड़ा

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राकेश कुमार, चाकुलिया.

चाकुलिया के माटियाबांधी पंचायत से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करने का मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर के ढाई से तीन हजार विशेष समुदाय के बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र माटियाबांधी पंचायत से निर्गत किया गया है. सभी जन्म प्रमाण पत्रों में बच्चों का जन्म स्थान माटियाबांधी दिखाया गया है. जबकि इस पंचायत में ना तो कोई बड़ा अस्पताल है और ना ही प्रमाण पत्र बनवाने वालों का घर. वैध दस्तावेज भी अपलोड नहीं कराये गये हैं. आवेदकों ने दस्तावेज के स्थान पर खाली पन्ने सबमिट कर दिये हैं. चाकुलिया की बीडीओ आरती मुंडा ने बताया कि मामले का खुलासा होने के बाद जांच शुरू कर दी गयी है. अब तक 106 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मिले हैं. इन प्रमाण पत्रों को रद्द करने का निर्देश जारी कर दिया गया है. पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण मांगा गया है.

फीस माफी के लिए बनाया फर्जी प्रमाण पत्र

यह मामला तब उजागर हुआ, जब जमशेदपुर के प्राइवेट स्कूलों से बीडीओ के लॉगिन पर ऑनलाइन वेरिफिकेशन के लिए जन्म प्रमाण पत्रों को भेजा गया. जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में फीस माफी के लिए योजना लायी गयी थी. इस कारण अभिभावकों द्वारा तमाम दस्तावेज स्कूल में जमा कराये गये. इन दस्तावेजों को सभी स्कूलों द्वारा संबंधित पदाधिकारी के पास वेरिफिकेशन के लिए भेज दिया गया. चाकुलिया की बीडीओ की नजर जन्म प्रमाण पत्र के जन्म स्थान पर पड़ी. सभी विशेष समुदाय से थे. उनका जन्म स्थान माटियाबांधी दर्शाया गया है. इससे आशंका हुई,ो जांच की गयी, जिसमें 106 जन्म प्रमाण पत्र फर्जी पाये गये. संभावना जतायी जा रही है कि इसी प्रकार माटियाबांधी पंचायत से हजारों जन्म प्रमाण पत्र फर्जी बनाये गये हैं.

जांच कर कार्रवाई की जा रही है : बीडीओ

बीडीओ आरती मुंडा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. पंचायत सचिव सुनील महतो से स्पष्टीकरण मांगा गया है. उन्हें सोमवार तक स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है. पंचायत सचिव बीमार हैं और छुट्टी पर हैं. उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. बीडीओ ने कैफे संचालकों से भी पूछताछ की है.

क्या है जन्म प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार, जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए रजिस्ट्रार पंचायत सचिव होते हैं. जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की साइट को खोलने पर सबसे पहले पंचायत सचिव के मोबाइल पर ओटीपी आता है. इसे बताने के बाद ही जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया शुरू होती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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