मालिक से मोहब्बत व अकीदत का उदाहरण, कल से रोजा

Updated at : 27 May 2017 9:51 AM (IST)
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मालिक से मोहब्बत व अकीदत का उदाहरण, कल से रोजा

जमशेदपुर : सऊदी अरब में जुमा काे चांद की शहादत-गवाही के बाद मसजिदाें से एलान किया गया. इसके बाद तरावीह के समय की घाेषणा की गयी. अब यह साफ हाे गया है कि हिंदुस्तान में शनिवार काे चांद का दीदार हाेगा, चांद के बाद लाेग तरावीह की तैयारियाें में जुट जायेंगे. रविवार काे इसलाम धर्मावलंबी […]

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जमशेदपुर : सऊदी अरब में जुमा काे चांद की शहादत-गवाही के बाद मसजिदाें से एलान किया गया. इसके बाद तरावीह के समय की घाेषणा की गयी. अब यह साफ हाे गया है कि हिंदुस्तान में शनिवार काे चांद का दीदार हाेगा, चांद के बाद लाेग तरावीह की तैयारियाें में जुट जायेंगे.
रविवार काे इसलाम धर्मावलंबी रमजान का पहला राेजा रखेंगे. जुमा काे चांद देखने का एलान इमारत ए शरिया समेत कई मसजिदाें से किया गया था. जुमा की शाम तेज बारिश के बाद अासमान में बादल छाये रहे, इस वजह से चांद नहीं दिख पाया. हमत और बरकत का महीना रमजान शनिवार से शुरू हो जायेगा. रमजान के चांद की तस्दीक होते ही इशा की नमाज के बाद से नमाज ए तरावीह शुरू हो जायेगी.
यह ईद का चांद दिखने के बाद ही खत्म होगी. शहर के उलेमाआें ने शनिवार काे रमजानुल मुबारक का चांद देखने की अपील की है. शाबान मेरा महीना और रमजान अल्लाह का महीना: कीताडीह मसजिद के इमाम कारी इसहाक अंजूम ने बताया कि अल्लाह के रसूल ने फरमाया कि शाबान मेरा महीना है और रमजान अल्लाह का महीना है. इस माह में नेकी का बदला सत्तर गुना बढ़ाकर बंदे के खाते में लिखा जाता है. रमजान के तीस रोजे बुराई से दूर रहने के संदेश के साथ साथ गरीबों की भूख का भी एहसास कराते हैं.
अल्लाह का कलाम कुरान शरीफ इसी माह ए मुबारक में नाजिल हुआ था. इसलिए इस माह कुरान ए पाक की तिलावत का सिलसिला भी पूरे माह चलेगा. मसजिदों में तरावीह नमाज के दौरान भी कुरान पाठ का सिलसिला चलेगा. इसके लिए अलग- अलग मसजिदाें में प्रतिदिन तरावीह में अलग- अलग संख्या में पारा (पाठ) पढ़े जायेंगे. शनिवार की शाम मगरिब की नमाज के बाद चांद का दीदार हाेगा.
इसकी शहादत-गवाही दी मिलने के बाद ही सभी मसजिदाें से एलान किया जायेगा. चांद निकलने पर शनिवार शाम से ही रमजान की मुबारक साअतों (क्षणों) का आगाज हो जायेगा. शिद्दत की गरमी में तकरीबन 15 घंटे की भूख- प्यास झेल कर बंदे अपने मालिक से मोहब्बत और अकीदत के साथ सब्र का नमूना भी पेश करेंगे. सहरी और इफ्तार के विशेष पकवान की दुकानें सजने लगी हैं. मुुसलिम बाहुल्य इलाकों में इस तरह की दुकानें बड़ी संख्या में लगायी जाने लगी हैं. दुकानदारों ने तमाम पकवानों के साथ साथ इस बार शर्बत के अलग-अलग फ्लेवर पर भी खास तवज्जो दे रहे हैं. गरमी में रोजेदार रोजे खोलने के लिए खजूर के बाद शर्बत को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं. रूह आफ्जा से लेकर दूसरे तमाम तरह के शर्बत बाजार में बिक्री के लिए सजे हुए हैं. कारी इसहाक अंजूम ने बताया कि यदि शनिवार काे यदि चांद नजर आया तो पहली तरावीह रात से शुरू हो जाएगी. इबादतों के दौरान मसजिदाें में शोर-शराबे से परहेज की अपील के साथ उन्होंने मुसलिमों को हालत ए रोजा मेें सब्र करने को कहा है.
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