गुणवत्तापूर्ण प्रोडक्ट से ही बाजार में टिकेंगे : सीएमडी

Updated at : 21 May 2017 4:27 AM (IST)
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गुणवत्तापूर्ण प्रोडक्ट से ही  बाजार में टिकेंगे : सीएमडी

मऊभंडार. स्मेलटर और रिफाइनरी प्लांट की क्षमता वृद्धि पर सेमिनार घाटशिला : मऊभंडार के कॉपर क्लब में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स घाटशिला चैप्टर की ओर से स्मेलटर और रिफाइनरी प्लांट की तकनीकी विकास व क्षमता वृद्धि विषय पर सेमिनार हुआ. इसका उदघाटन एचसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक केडी दीवान और एचसीएल की प्रथम महिला […]

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मऊभंडार. स्मेलटर और रिफाइनरी प्लांट की क्षमता वृद्धि पर सेमिनार

घाटशिला : मऊभंडार के कॉपर क्लब में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स घाटशिला चैप्टर की ओर से स्मेलटर और रिफाइनरी प्लांट की तकनीकी विकास व क्षमता वृद्धि विषय पर सेमिनार हुआ. इसका उदघाटन एचसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक केडी दीवान और एचसीएल की प्रथम महिला ने दीप प्रज्वलित कर किया. सीएमडी ने कहा कि वैश्विक बाजार में परिर्वतन के इस दौर में उन्नत तकनीक और गुणवत्तापूर्ण प्रोडक्ट से ही टिक पायेंगे.
कैथोड का उत्पादन 25 एमटी टन होगा : उन्होंने कहा कि कैथोड का उत्पादन 18,500 एमटी से 25 हजार एमटी करने का लक्ष्य है. वहीं एलएइ ग्रेड के तांबे का उत्पादन पर जोर है. भारत सरकार ने जीडीपी में खनन क्षेत्र के योगदान को 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है. इससे 10-12 प्रतिशत सालाना वृद्धि का निर्णय लिया है. कम लागत पर ज्यादा उत्पादन करना है. तकनीकी विकास और परिवर्तन में हमें पर्यावरण /समाज हित को ध्यान में रखना होगा. हम कॉपर के मामले में आत्मनिर्भर नहीं हैं. इस समय देश की मांग को चार प्रतिशत ही पूरा कर पाते हैं.
केंदाडीह और चापड़ी माइंस जल्द खुलेंगी : मलाजखंड में एक ऐसा प्लांट लगाने जा रहे हैं. इससे सोना, चांदी, मेगनेटाइट, सिलिका एक ही जगह कॉपर मिनरल से प्राप्त कर पायेंगे. केंदाडीह माइंस को पर्यावरण प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया है. चापड़ी को जल्द मिलेगा. जल्द अन्य माइंस को खोलने जा रहे हैं. तकनीक में सुधार करते हुए हाइड्रो- मेट्रोलोजिकल तकनीक से लीचिंग प्रणाली से कॉपर बनायेंगे. मऊभंडार प्लांट 90 वर्ष पुराना है. इसमें सुधार की जरूरत है.
1972 में प्रारंभ हुए इस प्लांट की तकनीकी उन्नयन कर आज आधुनिक प्लांट का निर्माण किया जा रहा है. नये प्लांट की स्थापना की है, जो स्पैट इलेक्ट्रोलाइट से निकेल, एलएमइ और एसिड रिकवरी करता है. यह एक मात्र प्लांट हैं, जो उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाने की कोशिश कर रहा है. सेमिनार में स्वागत भाषण इकाई प्रमुख संजय सिंह ने दिया. संचालन अभिषेक पारीख और चारू शीला भोसले ने किया. सेमिनार में निदेशक (परिचालन), आस्ट्रिया के स्टीफन बालनर, ल्यू बेन, टीआरएल ग्रोसकी रिफेक्ट्रिस लिमिटेड के सिद्धांत राय, सनत हाजरा, कार्तिक सी खान, सुदीप साहा, प्रशांत कुमार जाना, सुनंदा सेनगुप्ता, चाइना के वान सेनपु, चुइ होनजिक, क्विं यान, लु लिहान, एनर्जी एफेंसी वायलर संदीप विश्रास, सुजन गुहा ठाकुरता, द्वितीय सत्र में तकनीकी डॉ बी मिश्रा, शिव प्रसाद दत्ता, चेतन महेश्वरी, स्केलीबेन समेत आर अधिकारी, केपी बिसई, डॉ पीएन मिश्रा, नेहा सिंह, सरीता मिश्रा, बीएन सिंहदेव, ओम प्रकाश सिंह, एनके राय, जेके उपाध्याय समेत कई लोग उपस्थित थे. सेमिनार से पूर्व संत जोसेफ कान्वेंट स्कूल की छात्राओं ने राष्ट्र गान और गणेश वंदना प्रस्तुत किया.
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