मजदूरों को खदान से बाहर निकालने की कोशिश विफल
Updated at : 18 May 2017 6:10 AM (IST)
विज्ञापन

सुरदा. धरने पर बैठे मजदूरों से प्रशासनिक पदाधिकारियों की वार्ता स्कीप से खदान के अंदर गये बीडीओ, सीओ और थानेदार 45 मिनट तक पदाधिकारियों ने मजदूरों को समझाया, सुरक्षा कारणों का हवाला दिया मजदूरों ने कहा-वेतन दें, समाप्त कर देंगे धरना मुसाबनी : आइआरएल के सुरदा खदान में वेतन भुगतान की मांग को लेकर मजदूरों […]
विज्ञापन
सुरदा. धरने पर बैठे मजदूरों से प्रशासनिक पदाधिकारियों की वार्ता
स्कीप से खदान के अंदर गये बीडीओ, सीओ और थानेदार
45 मिनट तक पदाधिकारियों ने मजदूरों को समझाया, सुरक्षा कारणों का हवाला दिया
मजदूरों ने कहा-वेतन दें, समाप्त कर देंगे धरना
मुसाबनी : आइआरएल के सुरदा खदान में वेतन भुगतान की मांग को लेकर मजदूरों का खदान के अंदर धरना दूसरे दिन भी जारी रहा. 38 घंटे से 232 मजदूर सुरदा शॉफ्ट थ्री और फोर के अंदर पांचवें लेबल में अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठे हैं. बुधवार को उन्हें मनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की टीम खदान के अंदर पहुंची पर वे नहीं माने. मजदूरों ने साफ कह दिया कि घुट-घुटकर मरने से अच्छा खदान में मर जाना है. वहीं, दोपहर में विधायक लक्ष्मण टुडू मिलने पहुंचे तो उन्हें खदान के अंदर बंधक बना लिया गया और करीब 45 मिनट बाद छोड़ा गया. गतिरोध के समाधान को लेकर प्रखंड सभा कक्ष में शाम पांच बजे से वार्ता शुरू हुई जो रात 10 बजे तक जारी थी. समाचार लिखे जाने तक पांच घंटे की वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकला था.
दोपहर को मजदूरों को मनाने सीओ साधु चरण देवगम, बीडीओ संतोष गुप्ता, थाना प्रभारी सुरेश लिंडा पहुंचे थे. बीडीओ ने आंधी-पानी के मौसम में बिजली व्यवस्था बाधित होने की आशंका जताते हुए मजदूरों को सलाह दी कि वे खदान के बाहर आकर धरने पर बैठें. उन्होंने
कहा कि खदान के अंदर लंबे समय तक रहना सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं है. इस पर मजदूरों ने कहा कि उनकी संशोधित वेतन की मांग जब तक पूरी नहीं होगी, धरना खदान के अंदर जारी रहेगा. मजदूरों का कहना था कि मजदूरों ने कहा वे पिछले दस साल से काम करने के बाद वेतन को लेकर जूझ रहे हैं, घुट-घुट कर मरने से अच्छा है खदान के अंदर मरना. मजदूरों ने भूख हड़ताल की भी चेतावनी दी. साथ ही मांग की कि मजदूरों का शोषण करने वाली कंपनी आइआरएल की संविवाद तत्काल समाप्त की जाये और प्रबंधन के विरुद्ध प्रशासन उचित कार्रवाई करे. मजदूरों की जिद के आगे प्रशासनिक पदाधिकारियों का प्रस्ताव असफल हो गया. करीब 45 मिनट तक समझाने के बाद अधिकारियों का दल खदान से बाहर निकला. थाना प्रभारी ने धरने पर बैठे मजदूरों के लिए ग्लूकोज की व्यवस्था की.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




