सबर बस्तियों व नक्सल प्रभावित गांवों में कुपोषण बड़ी समस्या

Updated at : 07 Mar 2017 4:27 AM (IST)
विज्ञापन
सबर बस्तियों व नक्सल प्रभावित गांवों में कुपोषण बड़ी समस्या

सबरों को भोजन के नाम पर पानी-भात और माड़-भात ही नसीब होता है गालूडीह : घाटशिला प्रखंड के सभी सबर बस्तियों और नक्सल प्रभावित बीहड़ गांवों में कुपोषण सबसे बड़ी समस्या है. इसके बावजूद इस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं हो रही है. अधिकांश सबर बच्चे उचित भोजन के अभाव में कुपोषण के शिकार […]

विज्ञापन

सबरों को भोजन के नाम पर पानी-भात और माड़-भात ही नसीब होता है

गालूडीह : घाटशिला प्रखंड के सभी सबर बस्तियों और नक्सल प्रभावित बीहड़ गांवों में कुपोषण सबसे बड़ी समस्या है. इसके बावजूद इस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं हो रही है. अधिकांश सबर बच्चे उचित भोजन के अभाव में कुपोषण के शिकार हो रहे हैं. उम्र के हिसाब से वजन कम होना, बाल भूरा होना, उम्र और वजन के हिसाब से बांह की गोलाई कम होना, हाथ-पांव पतले होना कुपोषण के प्रमुख लक्षण है. सबरों को भोजन के नाम पर पानी और माड़ भात ही मिलता है. दाल, सब्जी ,
रोटी नसीब नही होती. दूध, फल तो दूर की बात है. प्रखंड के घुटिया, दारीसाई, केशरपुर, खडि़याडीह, गुड़ाझोर, हलुदबनी, भूतियाकोचा, राजाबासा, बासाडेरा, रामचंद्रपुर, डाइनमारी, कानीमहुली आदि जगहों पर सबर बस्तियां हैं. कमोवेश सभी सबर बस्तियां का एक ही हाल है. जंगलों के भरोसे इनकी जिंदगी की गाड़ी चलती है. सिर्फ सबर बस्तियां ही नहीं नक्सल प्रभावित कई बीहड़ गांवों के मासूम भी उचित भोजन के अभाव में कुपोषण के जद में आ रहे हैं. गरीबी और लाचारी के कारण पौष्टिक आहार नहीं मिलने से नौनिहालों की जिंदगी कराह रही है.
सबरों का उत्थान का ढिंढोरा तो पीटा गया, जमीन में हुआ कुछ नहीं: दारीसाई सबर बस्ती से छह सबर परिवारों के विलुप्त होने की खबर मई 2015 में प्रभात खबर में छपी थी, तो सरकार ने संज्ञान लिया था. जिले की पूरी टीम यहां आयी थी. महीनों तक विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों का दौरा होता रहा. रिपोर्ट बनती रही, लेकिन जमीन पर कुछ हुआ नहीं. सबर कल जैसे थे आज भी वैसे ही हैं. हर वर्ष बीमारी से कई सबर मारे जाते हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola