ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट खाल से बूझ रही है प्यास

Published at :01 Apr 2016 6:24 AM (IST)
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ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट खाल से बूझ रही है प्यास

गालूडीह : गालूडीह थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में गर्मी की दस्तक के साथ ही जल संकट गहराने लगा है. बीहड़ गांवों के ग्रामीण खेत में बने खाल, झरना, नाला के पानी से लोग प्यास बूझा रहे हैं. अधिकांश चापानल से पानी नहीं निकल रहा है, तो कुंए सूख गये हैं. तालाब भी सूखने के […]

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गालूडीह : गालूडीह थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में गर्मी की दस्तक के साथ ही जल संकट गहराने लगा है. बीहड़ गांवों के ग्रामीण खेत में बने खाल, झरना, नाला के पानी से लोग प्यास बूझा रहे हैं. अधिकांश चापानल से पानी नहीं निकल रहा है, तो कुंए सूख गये हैं. तालाब भी सूखने के कगार पर हैं. बाघुड़िया पंचायत के किसी भी गांव में ग्रामीण स्वजल धारा योजना जमीन पर अब तक नहीं उतरी है. इस पंचायत के करीब तीन हजार से अधिक की आबादी गर्मी में प्रति वर्ष जल संकट से जूझती है.

कासपानी में खेत में एक खाल है, जिससे ग्रामीण प्यास बूझा रहे हैं. इस पंचायत के हलुदबनी, केशरपुर, गुड़ाझोर, पहाड़पुर, बाघुड़िया आदि गांव में कुछ चापानल चालू हालत में तो अधिकांश खराब है.

कई चापानलों से पानी नहीं निकलता है. सार्वजनिक कुंए भी काफी कम हैं. मिर्गीटांड़ में तो आरडीए और टीएसआरडीएस संस्था ने पहाड़ी झरना का पानी पाइप लाइन बिछा कर गांव तक पहुंचाया और कई जगह नल लगा दिए हैं. इससे इस गांव में जल संकट दूर हुआ है. कमोवेश बड़ाकुर्शी, हेंदलजुड़ी, जोड़सा पंचायत में गर्मी की दस्तक के साथ जल संकट गहरा गया है.
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