East Singhbhum News : घाटशिला : दो दिनों में 20.1 मिमी बारिश, रबी फसल व आम के मंजर को फायदा

यह वर्षा थोड़ी बहुत सरसों की फसल को नुकसान कर सकती है.
घाटशिला. घाटशिला प्रखंड के प्रभारी कृषि पदाधिकारी अमर पांडे ने बताया कि कार्यालय में लगे यंत्र के के मुताबिक दो दिनों में 20.1 मिलीमीटर वर्षा हुई है. यह वर्षा थोड़ी बहुत सरसों की फसल को नुकसान कर सकता है. अन्य फसलों के लिए बारिश लाभदायक होगा. इस क्षेत्र में हर जगह पर सड़क किनारे या गांव में जगह-जगह आम का मंजर लगा है. उसके लिए वर्षा फायदेमंद है. हर प्रकार की सब्जी के लिए फायदेमंद है. रबी फसल में गेहूं, मक्का के लिए फायदेमंद है. घाटशिला प्रखंड के दामपाड़ा क्षेत्र की कालचिती पंचायत स्थित बुरुडीह के आसपास भादुआ, कड़ाडुबा, आसना, बाकी, बड़ाजुड़ी, काशिदा पंचायत के विभिन्न गांव में जहां जल के स्रोत हैं, वहां गेहूं, धान, मक्का व हरी सब्जियां लगायी गयी है. उसके लिए यह पानी संजीवनी है. किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा. अगर कोई किसान शिकायत करते हैं, तो देखा जायेगा. अधिक बारिश नहीं हुई है.
काफी दिनों से सूखा था, यह बारिश रबी फसल के लिए फायदेमंद : कृषि वैज्ञानिक
बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. नमी से फसलों में रोग लगने की संभावना बढ़ गयी है. हालांकि दारीसाई क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र के सह निदेशक डॉ एन सलाम ने कहा कि काफी दिनों से सूखा था. यह बारिश रबी फसल के लिए फायदेमंद साबित होगा. गेहूं, गरमा धान, मटर, चना, स्ट्रॉबेरी, फूल और तमाम तरह की सब्जियों की खेती के लिए यह बारिश फायदेमंद होगा. हां सरसों जो पक रहे हैं उसके लिए थोड़ा नुकसान हो सकता है. इतनी अधिक बारिश नहीं हुई है कि नुकसान हो. हां एक बात है ज्यादा दिनों तक नमी रहने से फसलों में रोग लगने की संभावना बढ़ सकती है. अगर धूप निकल गया तो यह संभावना भी नहीं रहेगी. डॉ सलाम ने कहा कि यह बारिश खासकर आम के लिए बेहतर होगा. आम के मंजर बेहतर होंगे और रोग नहीं लगेगा. इससे आम का फल ज्यादा लगेगा. मंजर झड़ेगा नहीं.
बुधवार शाम में घाटशिला में जोरदार बारिश हुई. वहीं गुरुवार को गालूडीह, घाटशिला, समेत अनुमंडल के विभिन्न जगहों पर सुबह से ही आसमान में काले बादल छाने लगे और बारिश देर तक हुई. बारिश होने से तापमान भी गिर गया. हवा भी चली. कई जगहों पर जल जमाव हो गया. कृषि विज्ञान केंद्र दारीसाई के कृषि वैज्ञानिक गोदरा मार्डी ने बताया कि अगर बारिश तेज होती है तो दलहन- तेलहन को नुकसान होता. गेंहू, टमाटर, स्ट्रॉबेरी और आलू को नुकसान होगा. अगर बारिश के बाद धूप निकला तो कोई नुकसान नहीं होगा. कीड़ों के प्रकोप से नुकसान हो सकता है. उन्होंने बताया कि आम के फूल के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित होगा.टमाटर का नहीं मिल रहा दाम, खेतों में छोड़ दे रहे किसान
गालूडीह-घाटशिला के किसान टमाटर को खेतों में ही छोड़ दे रहे हैं. बाजार में टमाटर का दाम नहीं मिल रहा है. पांच से सात रुपये किलो टमाटर हो गया है. इससे किसानों को बाजार तक उत्पाद लाने का खर्च तक नहीं उठ रहा है. नतीजतन टमाटर को खेत में छोड़ दे रहे हैं या मवेशियों को खिला दे रहे हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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