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चौथे दिन भी 1400 घरों में ठप रही जलापूर्ति पानी के लिए कड़ी धूप में भटक रहे हैं लोग

घाटशिला : प्रचंड गर्मी में घाटशिला की दाहीगोड़ा जलमीनार से 1400 घरों में चार दिनों से पेयजलापूर्ति ठप है. लोग पानी के लिए भटक रहे हैं. इधर, बुधवार मामले पर पीएचइडी के एसडीओ ने बताया कि इंटकबेल का बुश कोलकाता से आ गया है. एक-दो दिनों में इंटकबेल का कार्य पूरा होते ही जलापूर्ति शुरू […]

घाटशिला : प्रचंड गर्मी में घाटशिला की दाहीगोड़ा जलमीनार से 1400 घरों में चार दिनों से पेयजलापूर्ति ठप है. लोग पानी के लिए भटक रहे हैं. इधर, बुधवार मामले पर पीएचइडी के एसडीओ ने बताया कि इंटकबेल का बुश कोलकाता से आ गया है. एक-दो दिनों में इंटकबेल का कार्य पूरा होते ही जलापूर्ति शुरू हो जायेगी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि दस साल के बाद भी रेलवे लाइन के उस पार जलापूर्ति नहीं हो पायी. रेलवे लाइन किनारे लालडीह, धर्मबहाल, कटिनपाड़ा, पावड़ा में पाइपलाइन बिछा कर छोड़ा हुआ है.

रेलवे लाइन पार का प्राक्कलन तैयार करें. ताकि लोगों को जलापूर्ति का लाभ मिल सके. बताया कि एक माह के अंदर रेलवे लाइन उस पार जलापूर्ति के लिए प्राक्कलन बनाने की दिशा में पहल होगी. मौके पर प्रखंड अध्यक्ष करुणा कर महतो, नवीन साव, सत्यजीत सीट, कन्हैया शर्मा, विश्रनाथ पात्र, जितेन पूर्ति, प्रसन्नजीत डे, शंभू श्रवण, तपन बेहरा उपस्थित थे.
पहले इंटकबेल की होगी सफाई, फिर लगेगा नया मोटर
इंटकबेल की सफाई जब तक नहीं होती, तब तक नया मोटर नहीं लगेगा. दाहीगोड़ा इंटकबेल की मरम्मत में लगे मिस्त्री और विभागीय कर्मचारी ने बताया कि इंटकबेल में बालू भर गया है. जब तक इसकी सफाई नहीं होगी. तब तक नया मोटर नहीं लगेगा. इसके बाद ही जलापूर्ति में सुधार की गुंजाइश है. पांच पांडव सुवर्णरेखा नदी के किनारे इंटकबेल की सफाई के मामले पर सहायक अभियंता सुनील दत्त ने कहा कि एक-दो दिनों के अंदर सफाई की पहल होगी. मैकेनिकल विभाग के जेइ अभय कुमार ने बताया कि 75 एचपी के मोटर का प्राक्कलन बना है और इसकी स्वीकृति हो चुकी है. लेकिन मोटर कब लगेगा यह वरीय पदाधिकारी ही बता सकते हैं.

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