नौ गांवों में सुविधाएं बढ़ायें कर का बोझ नहीं : बैजू मुर्मू

Updated at : 20 Jan 2018 5:18 AM (IST)
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नौ गांवों में सुविधाएं बढ़ायें कर का बोझ नहीं : बैजू मुर्मू

घाटशिला : घाटशिला के नौ राजस्व ग्रामों को नगर परिषद बनाने के विरोध में शुक्रवार को माझी परगना महाल के सदस्यों ने पारंपरिक हथियारों से लैस होकर गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाला और प्रखंड कार्यालय का घेराव किया. जुलूस का नेतृत्व कर रहे देश परगना बैजू मुर्मू ने मौके पर आयोजित सभा में कहा कि […]

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घाटशिला : घाटशिला के नौ राजस्व ग्रामों को नगर परिषद बनाने के विरोध में शुक्रवार को माझी परगना महाल के सदस्यों ने पारंपरिक हथियारों से लैस होकर गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाला और प्रखंड कार्यालय का घेराव किया. जुलूस का नेतृत्व कर रहे देश परगना बैजू मुर्मू ने मौके पर आयोजित सभा में कहा कि राजस्व ग्रामों में आदिवासी वर्षों से निवास करते आ रहे हैं. ऐसे में प्रस्तावित गांवों को नगर परिषद में शामिल करने से पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था समाप्त हो जायेगी.

श्री मुर्मू ने कहा कि चिह्नित नौ राजस्व ग्रामों को सरकार सुविधा बहाल कराये, ताकि दबे-कुचले वर्ग को दो जून की रोटी और मकान मिल सके. घाटशिला के नौ राजस्व ग्रामों को नगर परिषद बनाने से कुछ भी भला होने वाला नहीं है. बल्कि इससे उन पर बोझ ही बढ़ेगा. रामदास हांसदा ने कहा कि भाजपा शासित सरकार सिर्फ जनता को छलने का काम कर रही है. सुनील मुर्मू ने कहा कि भाजपा सरकार ने बीते तीन वर्षों में गरीबों को कुछ भी नहीं दिया.

जब पंचायती राज से विकास नहीं हुआ तो नगर परिषद से विकास की कल्पना हास्यास्पद है. धरना को राजू कर्मकार, पार्वती मुर्मू ने भी संबोधित किया. संचालन सुफल मुर्मू ने किया. धन्यवाद ज्ञापन शांखो मुर्मू ने किया. इस मौके पर महाल के कुंअर मार्डी,. सीआर माझी, शांको मुर्मू, ग्राम प्रधान पिथो हांसदा, रतन ुर्मू, बायला मार्डी, सुना राम मार्डी, लुगू मुर्मू, मिरू मुर्मू, श्याम मुर्मू, राम हेंब्रम, बादल चौधरी, मो. आलम, दुला हेंब्रम, भादो मुर्मू, इश्वर मार्डी, सोना मनी सोरेन, कन्हाई मुर्मू, दुखु मुर्मू शामिल थे.

पंचायत प्रतिनिधियों ने दिया समर्थन
पंचायत प्रतिनिधियों ने महाल के नगर परिषद बनाने के विरोध का समर्थन किया. नगर परिषद, पंचायत निर्माण होने जाने से भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13 (3) का खुला उल्लंघन तथा रह रहे आदिवासी और मूलवासियों का निहित अधिकार समाप्त हो जायेगा. इन सभी गांवों में निवास कर रहे आदिवासी और मूलवासियों को विभिन्न प्रकार के कर और लगान लगा कर राजस्व जमा करने में असमर्थ होंगे. पूर्वी सिंहभूम भारत शासन अधिनियम की 1935 की धारा 91 के तहत पूर्ण 5 वीं अनुसूची क्षेत्र में शामिल है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद कोई भी विस्तारीकरण असंवैधानिक होगा.
पारंपरिक हथियारों के साथ सिदो-कान्हु मैदान से निकला जुलूस
महाल ने सिदो कान्हू मैदान से पारंपरिक हथियार और गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाला. जुलूस में शामिल पुरुष और महिलाएं जल, जंगल, जमीन हमारा है, घाटशिला को नगर परिषद नहीं बनाने देंगे आदि नारेबाजी कर रहे थे. जुलूस कॉलेज रोड का परिभ्रमण करते हुए प्रखंड कार्यालय पहुंचा और सभा में तब्दील हो गया. सभा के बाद देश परगना के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने बीडीओ संजय पांडेय और सीओ राजेंद्र प्रसाद सिंह को उपायुक्त के नाम से सात सूत्री मांग पत्र सौंपा. ज्ञापन की प्रतिलिपि राष्ट्रपति और राज्यपाल को प्रेषित की गयी है.
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