सीमेंट के हजारों बोरे हो गये बेकार

Updated at : 05 Aug 2017 4:02 AM (IST)
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सीमेंट के हजारों बोरे हो गये बेकार

सुवर्णरेखा परियोजना. लाखों रुपये की हुई क्षति गालूडीह : सुवर्णरेखा परियोजना के गालूडीह शिविर में बने टीन के जर्जर गोदाम में कई वर्षों से पड़े हजारों बोरा सीमेंट पत्थर बन गया है. गालूडीह शिविर के दायीं नहर-एक कार्यालय के पास टीन के बड़े गोदाम में हजारों बोरे सीमेंट बेकार पड़ा है. सभी सीमेंट के बोरे […]

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सुवर्णरेखा परियोजना. लाखों रुपये की हुई क्षति

गालूडीह : सुवर्णरेखा परियोजना के गालूडीह शिविर में बने टीन के जर्जर गोदाम में कई वर्षों से पड़े हजारों बोरा सीमेंट पत्थर बन गया है. गालूडीह शिविर के दायीं नहर-एक कार्यालय के पास टीन के बड़े गोदाम में हजारों बोरे सीमेंट बेकार पड़ा है. सभी सीमेंट के बोरे रखे-रखे और पानी लगने से पत्थर बन गये हैं. उक्त सीमेंट परियोजना का है. यह किस डिवीजन का है और किसके अधीन था, यह बताने वाला कोई नहीं है. परियोजना पदाधिकारियों ने बताया कि जब बराज डैम बन रहा था तब का सीमेंट है. सरप्लस होने से सीमेंट टीन के गोदाम में रखा गया था. बाद के दिनों में गोदाम का शेड टूट जाने से गोदाम में पानी चूने लगा.
इसके कारण सीमेंट बर्बाद हो गया. हालांकि यह सीमेंट जिस किसी के जिम्मे होगा उससे विभाग ने भरपायी ली होगी. ऐसा परियोजना पदाधिकारियों का मानना है. जो भी हो परियोजना का सीमेंट था इसकी पुष्टि तो हुई है,जो बर्बाद हो गया है.
अविभाजित बिहार के समय मेटेरियल विभाग होता था. टेंडर होने पर उक्त विभाग को सीमेंट, रड आदि आवंटन होता था. अधिक दिनों तक स्टॉक रहने से सीमेंट पत्थर हो गया. यह हमारे आने के काफी पहले का मामला है. इस विषय मैं ज्यादा कुछ नहीं जानता. यह किस डिवीजन का है यह पता करना होगा.
– आरएन प्रसाद, अधीक्षण अभियंता, गालूडीह बराज अंचल
उक्त सीमेंट हमारे डिवीजन का नहीं है. काफी पहले का मामला है. इस विषय में मैं ज्यादा नहीं जानता.
– अशोक दास, कार्यपालक अभियंता, बराज डिवीजन
मेरी जानकारी में है कि उक्त सीमेंट सिंचाई प्रमंडल का है. सात नंबर डिवीजन का होगा, तो पता करेंगे. मेरे आने के पहले का मामला है. पता लगायेंगे.
– राज कुमार यादव, कार्यपालक अभियंता, सात नंबर डिवीजन
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