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बंद खदान से 52 दिन पहले फेंका गया महिला का शव बरामद

Updated at : 20 May 2025 6:50 PM (IST)
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बंद खदान से 52 दिन पहले फेंका गया महिला का शव बरामद

गल चुके शव को देखकर मां और बहन फूट-फूट कर रो रही थीं.

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ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने 40 फीट गहरे पानी से बाहर निकाला

प्रतिनिधि, गोपीकांदर

गोपीकांदर थाना प्रभारी सुमित भगत के नेतृत्व में व मूसना गांव के स्थानीय लोगों की मदद से मोहली टोला स्थित बंद पड़े पुरानी खदान से मृतका रीना मुर्मू के शव को गहरे पानी से निकाल लिया गया. बता दें कि शनिवार को निर्मम हत्या से संबंधित संदिग्ध दो नाबालिग आरोपी के खुलासे के बाद तीन दिन से पुलिस खदान में किशोरी का शव ढूंढ रही थी. पर पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल पा रही थी. इस दौरान थाना प्रभारी सुमित भगत द्वारा एनडीआरफ टीम को बुलाने का प्रयास जारी रहा. मंगलवार को सुबह में दृढ़संकल्प के साथ थाना प्रभारी व स्थानीय लोगों के मदद से शव को बाहर निकाला गया. पूरी प्रक्रिया को देखने के लिए आसपास के कई गांव से सैकड़ों की संख्या में भीड़ लगी थी. मृतका के माता-पिता व स्वजन मौके पर उपस्थित थे. अपनी ही बेटी की निर्मम हत्या के बाद पूरी तरह से गल चुके शव को देखकर मां और बहन फूट-फूट कर रो रही थीं.

क्या था पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक किशोरी की गुमशुदगी की लिखित सूचना गोपीकांदर थाने को एक महीने पूर्व दी गयी थी. किशोरी गोपीकांदर थाना क्षेत्र के पर्वतपुर गांव की रहनेवाली थी. बताया जाता है कि किशोरी और पाकुड़िया थाना क्षेत्र के पातपहाड़ी गांव के लड़के के साथ पिछले दो वर्षों से लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे. इसी बीच जनवरी में लड़के का सुगापहाड़ी गांव की दूसरी युवती से परिचय हुआ. वह लड़का किशोरी को छोड़कर अब युवती के साथ रहने लगा था. बताया जाता है कि पर्वतपुर की किशोरी लड़के को शादी करने का दबाव दे रही थी. ऐसे में छुटकारा पाने के लिए लड़के ने किशोरी की हत्या कर शव को पत्थर खदान में फेंक दिया. इसके लिए उसने गला दबाकर हत्या की. बोरे में शव को बंद करके उसमें पत्थर बांधकर उस बंद खदान में शव को फेंक दिया. जब उसे हिरासत में लिया गया तो उसने कबूल कर लिया कि उसने ही किशोरी की हत्या की है और अपने एक साथी की मदद से शव को पत्थर खदान में पत्थर बांधकर गहरे पानी में फेंक दिया है. घटना 28 मार्च की ही बतायी गयी है. शव को निकालने के लिए पुलिस ने कई गोताखोर को लगाया, पर सफलता नहीं मिली तो अंत में झग्गर से बोरे में बंद शव को निकालने का प्रयास हुआ. इसके बाद सफलता मिली.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANAND JASWAL

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