ePaper

दुमका की बबीता पहाड़िया ने YouTube और Google को हथियार बनाकर लिखी संघर्ष और उम्मीद की नयी दास्तान

Updated at : 28 Jul 2025 5:56 PM (IST)
विज्ञापन
Success Story of Babita Pahariya

बबीता पहाड़िया को चीनी खिलाकर मुंह मीठा कराती मां.

Success Story of Babita Paharia: झारखंड की उपराजधानी दुमका जिले के एक छोटे से गांव में जन्मी पहाड़िया जनजाति की बेटी ने सफलता नयी मिसाल कायम की है. गरीबी में पली-बढ़ी इस बेटी ने यूट्यूब और गूगल को हथियार बनाकर संघ और उम्मीद की नयी दास्तान लिखी है. जेपीएससी की परीक्षा में बबीता ने 337वीं रैंक हासिल की है. इससे न केवल उसके परिवार को, बल्कि पूरी पहाड़िया जनजाति को उस पर गर्व है.

विज्ञापन

Success Story of Babita Paharia: झारखंड के सामाजिक, प्रशासनिक और शैक्षणिक विकास की असली विजेता वे बेटियां हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी. उम्मीद और मेहनत को अपना साथी बनाया. फिर सफलता हासिल की. आज हम पहाड़िया आदिम जनजाति की एक बेटी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपका भी दिल छू ले लेगी. उसकी सफलता पर आपको भी गर्व होगा.

आदिवासी युवाओं का रोल मॉडल बन सकती है बबीता

पहाड़िया जनजाति की इस बेटी का नाम है- बबीता पहाड़िया. बबीता पहाड़िया की सफलता आने वाले समय में पहाड़िया जनजाति के साथ-साथ झारखंड की अन्य जनजातियों के लिए अवसरों के द्वार खोल सकता है. बबीता पहाड़िया आदिवासी युवाओं के लिए रोल मॉडल बन सकती है. उसने साबित कर दिया है कि सपनों को साकार करने की राह आसान नहीं, लेकिन मुसीबतों से लड़ने का हौसला हो, तो कोई मंजिल दूर भी नहीं.

JPSC 2023 में बबीता को मिली 337वीं रैंक

झारखंड के सुदूरवर्ती दुमका जिले के एक छोटे-से गांव में जन्मी बबीता पहाड़िया ने न केवल अपने परिवार, बल्कि आदिम जनजाति पहाड़िया समाज का नाम भी रोशन किया है. उसके पिता स्कूल में हेल्पर और मां गृहिणी हैं. बबीता ने कभी बंगले का सपना नहीं देखा. उसने समाज सेवा और शिक्षा की अलख जगाने की सोची थी. अभावों और सामाजिक चुनौतियों के बीच बबीता ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) 2023 की परीक्षा में 337वीं रैंक प्राप्त कर पूरे राज्य में मिसाल कायम की है.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Success Story of Babita Paharia: शादी करने से कर दिया इनकार

बचपन से ही बबीता के सामने मुश्किलों का पहाड़ था. गांव में पक्की सड़क नहीं, पीने का पानी तक नहीं. ऐसे माहौल में पढ़ाई करना अपने आप में एक जंग थी. आर्थिक तंगी के चलते माता-पिता ने बबीता को जल्दी शादी करने के लिए कहा, लेकिन बबीता ने साफ कहा कि जब तक सरकारी नौकरी नहीं मिलती, वह शादी नहीं करेगी. बबीता ने स्मार्टफोन और इंटरनेट को हथियार बनाया. YouTube और Google की मदद से पढ़ाई की और अब डिप्टी कलक्टर बनने जा रही है.

मिठाई खरीदने के नहीं थे पैसे, चीनी से मां ने मुंह मीठा कराया

जेपीएससी का रिजल्ट आया, तो बबीता के परिवार के पास मिठाई खरीदने तक के पैसे नहीं थे. ऐसे में मां ने इतनी बड़ी सफलता हासिल करने वाली बेटी का चीनी खिलाकर मुंह मीठा करवाया. बबीता चाहती है कि उसकी सफलता से पहाड़िया समाज के लोग प्रेरणा लें. पहाड़िया जानजाति की बेटियां आगे बढ़ें.

इसे भी पढ़ें

झारखंड आ रहीं हैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, धनबाद में 31 को होगा जोरदार स्वागत

Kal Ka Mausam: उत्तर-पूर्वी झारखंड के 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

Shravani Mela 2025: झारखंड के शिवढोंढा मंदिर का है विशेष महत्व, कई राज्यों से आते हैं श्रद्धालु

कमरथुआ और कांवर : कांवर धारण कर बम-बम का उच्चारण करने से मिलता है अश्वमेध यज्ञ का फल

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola