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पत्थर कारोबारी से रंगदारी मामला : कभी शिकारीपाड़ा थाना का मुखबिर था आरोपी मुन्ना राय व उमेश सिंह

Updated at : 22 Nov 2020 9:47 PM (IST)
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पत्थर कारोबारी से रंगदारी मामला : कभी शिकारीपाड़ा थाना का मुखबिर था आरोपी मुन्ना राय व उमेश सिंह

Jharkhand crime news, Dumka News : दुमका जिला अंतर्गत सरसडंगाल के बड़े पत्थर कारोबारी मनोज भगत उर्फ काला मनोज से रंगदारी नहीं देने पर उसकी जान लेने की नीयत से गोली चलाने वाले मुन्ना राय और इस कांड में पुलिस द्वारा उसके सहयोगी बताये जा रहे उमेश सिंह के बारे अहम जानकारी मिली है. दोनों आरोपी मुन्ना राय एवं उमेश सिंह कभी शिकारीपाड़ा पुलिस के विश्वासपात्र हुआ करते थे और उनके लिए मुखबिर के तौर पर काम करते थे. इनका अक्सर शिकारीपाड़ा थाना भी आना-जाना हुआ करता था. बाद में पुलिस एवं इनके बीच की दूरी भी बढ़ती गयी. दोनों अलग-अलग तरह के आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय होते गये.

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Jharkhand crime news, Dumka News : दुमका : दुमका जिला अंतर्गत सरसडंगाल के बड़े पत्थर कारोबारी मनोज भगत उर्फ काला मनोज से रंगदारी नहीं देने पर उसकी जान लेने की नीयत से गोली चलाने वाले मुन्ना राय और इस कांड में पुलिस द्वारा उसके सहयोगी बताये जा रहे उमेश सिंह के बारे अहम जानकारी मिली है. दोनों आरोपी मुन्ना राय एवं उमेश सिंह कभी शिकारीपाड़ा पुलिस के विश्वासपात्र हुआ करते थे और उनके लिए मुखबिर के तौर पर काम करते थे. इनका अक्सर शिकारीपाड़ा थाना भी आना-जाना हुआ करता था. बाद में पुलिस एवं इनके बीच की दूरी भी बढ़ती गयी. दोनों अलग-अलग तरह के आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय होते गये.

मुन्ना ही दुर्गम क्षेत्रों से पुलिस को सूचनाएं देने का भी काम करता रहता था. इसलिए उसे पत्थर के अवैध कारोबारियों से लेकर इस धंधे के माफियाओं की जानकारी थी. इसलिए उसने अवैध पत्थर कारोबार में लिप्त माफिया आदित्यनाथ गोस्वामी को जब धमकी दी थी, तो उसने तमाम अवैध खदानों से 40 हजार रुपये कम से कम हर महीने रंगदारी दिलाने की मांग की थी और उससे सीधे तौर पर 41 लाख रुपये का डिमांड किया था.

Also Read: पत्थर कारोबारी से 41 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में मुन्ना राय 4 सहयोगियों के साथ गया जेल

मिली जानकारी के मुताबिक, वह कई आपराधिक घटनाओं को पहले भी अंजाम दे चुका था और इन दिनों काफी अभाव में था. पुलिस ने उसके बैंक खातों की पड़ताल की, तो उसमें भी ज्यादा पैसे नहीं मिले थे. बताया गया कि मुन्ना राय इसी साल सीएसपी संचालक से हुए लूट से जुड़े कांड संख्या 93/20 के अलावा कांड संख्या 85/17, 70/17, 09/18 सहित कुछ अन्य वारदातों में शामिल था, जबकि उमेश सिंह पूर्व में आदिवासी महिला के साथ दुष्कर्म के प्रयास 98/08 और बीडीओ शिकारीपाड़ा के साथ मारपीट करने के कांड 87/05 में आरोपित रहा और जेल भी गया है. शिकारीपाड़ा 80/2000 धारा 420,467,468 व 471 में भी वह वांछित था.

इधर, पत्थर कारोबारी से रंगदारी मांगने का आरोपी मुन्ना राय समेत उसके अन्य 4 सहयोगियों को पुलिस ने रविवार को जेल भेज दिया है. पुलिस ने इन आरोपियों के पास से कई हथियार समेत मोबाइल फोन, लूटी गयी एटीएम स्वैप मशीन को भी बरामद किया है. पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों में मुन्ना राय के अलावा हरिणसिंघा का लालू राय, गोसाईपहाड़ी का शिवधन हेंब्रम, शिकारीपाड़ा का उमेश सिंह तथा दुमका का विप्लव शर्मा मुख्य है.

Posted By : Samir Ranjan.

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