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भाजपाइयों ने आपातकाल दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया, कहा-आपातकाल देश के लोकतांत्रिक इतिहास का वह काला अध्याय, जिसे चाहकर भी कभी भुलाया नहीं जा सकता

Updated at : 25 Jun 2024 8:45 PM (IST)
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भाजपाइयों ने आपातकाल दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया, कहा-आपातकाल देश के लोकतांत्रिक इतिहास का वह काला अध्याय, जिसे चाहकर भी कभी भुलाया नहीं जा सकता

भारतीय जनता पार्टी इस तरह की त्रासदी झेल कर आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी है

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दुमका. भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में गौरवकांत प्रसाद की अध्यक्षता में आपातकाल दिवस को काला दिवस के रूप मनाया. साथ ही एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया. जिसमें मुख्य वक्ता पार्टी के प्रदेश मंत्री सरोज सिंह उपस्थित रहे. प्रदेश मंत्री सिंह ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के द्वारा घोषित आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का दागदार दिवस था. लिहाजा भाजपा इस दिन को काला दिवस मना रही है. कहा कि कांग्रेस शासन काल में कई तरह की अनैतिक कृत्य और भारतीय लोकतंत्र पर कलंकित करने का कार्य किया गया. भारतीय नागरिकों का मौलिक अधिकार छीना गया. उनकी इच्छा की अभिव्यक्ति को कुचला गया. इस तरह की दमनकारी इंदिरा सरकार के जुल्म एवं अत्याचार का विरोध जब किया गया, तो सभी विरोधी दल के नेताओं को जेल में डालकर मीसा एक्ट लगा दिया गया. श्री सिंह ने कहा कि भारत के चौथा स्तंभ प्रेस मीडिया पर प्रतिबंध लगाकर भारत की संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया गया था. भारतीय जनता पार्टी इस तरह की त्रासदी झेल कर आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी है और समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े वंचित और शोषित लोगों तक विकास कार्य कर अपनी पार्टी की सोच को सभी जनमानस में जगह बनाई है. पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद शर्मा ने कहा कि आपातकाल हमारे देश के लोकतंत्र के इतिहास का वह काला अध्याय है. जिसे चाह कर भी भुलाया नहीं जा सकता है. सत्ता के दुरुपयोग और तानाशाही का जिस तरह खुला खेल उस दौरान खेला गया. वह कई राजनीतिक दलों की लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता पर बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है.जिलाध्यक्ष गौरवकांत प्रसाद ने कहा कि यदि आज इस देश में लोकतंत्र जीवित है. तो उसका श्रेय उन लोगो को जाता है. जिन्होंने लोकतंत्र की बहाली के संघर्ष किया, जेल गये और न जाने कितनी शारीरिक और मानसिक यातना से उन्हें गुज़रना पड़ा. भारत की आने वाली पीढ़ियां उनके संघर्ष और लोकतंत्र की रक्षा में उनके योगदान को याद रखेंगीं. प्रदेश मंत्री मुन्ना मिश्रा ने भी संबोधित किया. सभा के बाद सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा रैली निकाली. जिसमें आपातकाल के विरोध में नारेबाजी की. कार्यक्रम में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश मुर्मू, जिला महामंत्री विवेकानंद राय, दीपक स्वर्णकार, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह बिट्टू, मनोज पांडे, मीडिया प्रभारी पिंटू अग्रवाल, मार्शल ऋषिराज टुडू, फारूक अनवर, रवींद्र बास्की, गुंजन मरांडी, मुरली मंडल, अनूप सिन्हा, रामनारायण गुप्ता, लालचंद पाल, निरंजन मंडल, राजू दर्वे, नवल किशोर मांझी, सुधीर पाल, हराधन मरीक, दीपांशु, जितेंद्र पांडे, अनूप सिंह, मुरली मंडल, कुश पाल, सुभाष यादव, रमेश मुर्मू, चंदन यादव, मनोज साह, दिवाकर यादव, गुड्डू सिन्हा मौजूद थे.

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