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Published at :08 Dec 2015 7:22 PM (IST)
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ढिबरी युग में जी रहे रामखड़ीवासी आदर्श पंचायत रांगा का हाल, तीन सालों से मिल रहा सिर्फ आश्वासन नोट : इसमें बयान नहीं है आने के बाद खबर लगेगी प्रतिनिधि, मसलियामसलिया प्रखंड के आदर्श पंचायत अंतर्गत रामखड़ी गांव में तीन सालों से बिजली नहीं है. रांगा पंचायत को आदर्श पंचायत में घोषणा करने के बाद […]

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ढिबरी युग में जी रहे रामखड़ीवासी आदर्श पंचायत रांगा का हाल, तीन सालों से मिल रहा सिर्फ आश्वासन नोट : इसमें बयान नहीं है आने के बाद खबर लगेगी प्रतिनिधि, मसलियामसलिया प्रखंड के आदर्श पंचायत अंतर्गत रामखड़ी गांव में तीन सालों से बिजली नहीं है. रांगा पंचायत को आदर्श पंचायत में घोषणा करने के बाद सरकार ने सारी सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने की बात कही है. लेकिन बिडबंना है कि इसी पंचायत के रामखड़ी आदिवासी बहुल गांव में तीन साल से बिजली सेवा बाधित हो गयी है. रामगढ़ गांव में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत वर्ष 2009 में रामखड़ी गांव में बिजली सेवा उपलब्ध करायी गयी थी. उसी समय गांव में दोनों टोला को मिलाकर 16 केबीए का एक ही ट्रांसफॉर्मर लगाया गया था, जो कई सालों तक बिजली सेवा चालू रही. लेकिन बाद में 6 केवीए का ट्रांसफॉर्मर जल गया और तब से यह उसी तरह पड़ा हुआ है. जले हुए तीन साल बीत गये हैं और ग्रामीणों को ढिबरी युग में जीना पड़ रहा है. लेकिन अब तक नया ट्रांसफॉर्मर लगाने को लेकर विभाग द्वारा कोई पहल नहीं की गई है. कहते हैं ग्रामीण’मेरे गांव में कई सालों से बिजली बाधित है, जिसके कारण शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है. जबकि गरीब तबके के लोग अधिक पैसा देकर केराेसिन तेल नहीं खरीद पाते हैं और उन्हें अंधेरे में रहना पड़ता है.’सुरेश हेंब्रम’चुनाव के समय कई पार्टी के नेता गांव में आकर बिजली सेवा बहाल करा देने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव जीत जाने के बाद मुड़कर गांव की समस्याओं की ओर देखते तक नहीं. जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है.’नरेश मरांडी’रामखड़ी गांव आदिवासी बहुल गांव है और यहां के मुखिया से लेकर विधायक तक आदिवासी समुदाय के हैं. बावजूद इसके गांवों का विकास नहीं हो पा रहा है और बिजली भी मुहाल है. जो चिंता का विषय है.’नायकी हेंब्रम, ग्रामप्रधान, रामखड़ी’मैं एक गरीब परिवार से आता हूं, सरकार द्वारा हमें बीपीएल सूची में रखा गया है. इसके तहत नि:शुल्क बिजली व तार भी उपलब्ध किया गया है. लेकिन बिजली नहीं रहने से सभी सामग्री बेकार पड़ी है. मस्तागिर हेंब्रम’पहले रामखड़ी गांव में बिजली आयी तो हम काफी खुश थे, कि चलो अब परेशानी खत्म हो गई. लेकिन तीन सालों से बिजली सेवा बाधित रहने से घर के कार्यों में और बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो गयी है.’सुरजमुनी मरांडी, गृहिणी’शाम होते ही लोगों को लालटेन के सहारे सभी कार्य पड़ रहे हैं, चुनाव के पहले नेता लोग आकर एक महीने के अंदर बिजली सेवा बहाल करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन जीतने के बाद स्थिति वही ढाक के तीन पात.’बीना बेसरा, गृहिणी———————————–फोटो8 मसलिया 1,2,3,4,5,6,7 व 81.रामखडी गांव में शोभा की वस्तु बनी पोल व तार2. बिजली उपलब्ध कराने की मांग करते ग्रामीण.3. सुरेश हेंब्रम4. नरेश मरांडी5. नायकी हेंब्रम,ग्रामप्रधान6. मस्तागिर हेंब्रम7. सुरजमुनी मरांडी8. बीना बेसरा…………………………………………………….

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