मोटापा को बीमारी मानने से इंश्योरेंस कंपनी ने किया था इनकार, नहीं दिया था क्लेम, अब देना होगा हर्जाना भी

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उपभाेक्ता फोरम ने वादी के पक्ष में सुनाया फैसला दावा खर्च व क्षतिपूर्ति 30 दिनों में देने का आदेश दुमका कोर्ट : ग्रांट इस्टेट के राज कुमार झा ने आइसीआइसीआइ इंश्योरेन्स से स्वास्थ्य बीमा 13 अगस्त 2009 को करायी थी और लगातार वार्षिक प्रीमियम का भुगतान कर रहे थे. इसी बीच उनका मोटापा बढ़ता जा […]

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उपभाेक्ता फोरम ने वादी के पक्ष में सुनाया फैसला

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दावा खर्च व क्षतिपूर्ति 30 दिनों में देने का आदेश
दुमका कोर्ट : ग्रांट इस्टेट के राज कुमार झा ने आइसीआइसीआइ इंश्योरेन्स से स्वास्थ्य बीमा 13 अगस्त 2009 को करायी थी और लगातार वार्षिक प्रीमियम का भुगतान कर रहे थे. इसी बीच उनका मोटापा बढ़ता जा रहा था, जिसके लिए पहले दुमका में फिर बाद में बर्धमान में इलाज चला. वर्धमान के डॉक्टर द्वारा सलाह दी गयी कि दिल्ली मेदांता अस्पताल में इस बीमारी का अच्छा इलाज होता है, जिस पर राजकुमार झा के संबंधियों द्वारा दिल्ली ले जाकर उनका इलाज कराया गया. वहां 8 से 10 नवंबर 2011 तक यानी तीन दिनों तक इलाज चला. इसके बाद राज कुमार झा ठीक हो गये और दुमका आकर अपनी सारे बिल इंश्योरेंस कंपनी को जमा किया, लेकिन इंश्योरेंस कंपनी यह कह कर मना कर दिया कि मोटापा कोई रोग नहीं है. यह मेरी सेवा शर्त में नहीं आता है.
तब जाकर राजकुमार झा ने उपभोक्ता फोरम में मामला दाखिल किया और यहां भी बीमा कंपनी का वही जवाब था. वादी ने फोरम में सिविल सर्जन द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड का हवाला दिया गया, जिसमें कहा गया कि इसका इलाज दुमका के बाहर ही संभव है, जिसके तहत बाहर जाना जरूरी था. वही प्रतिवादी बीमा कंपनी ने कोई यथोचित उत्तर नहीं दिया. फोरम के अध्यक्ष रामनरेश मिश्रा एवं सदस्य बबीता अग्रवाल ने माना कि वादी राजकुमार झा द्वारा लगातार तीन वर्षों तक वार्षिक प्रीमियम देते आ रहे हैं. पॉलिसी अवधि 13 अगस्त 2009 से 13 अगस्त 2037 तक है. साथ ही मेडिकल बोर्ड भी इस तरह के रोग के लिए बाहर जाने की बात कहती हैं. यह रोग बीमा तिथि के भीतर है. ऐसे में बीमा कंपनी द्वारा पैसा नहीं देना सेवा में त्रुटि का मामला बनता है. इसलिए फोरम ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि मूल दावा राशि तीस हजार रुपये के अलावा वह क्षतिपूर्ति के रूप में बीस हजार रुपये और दावा खर्च के रूप में एक हजार रुपये 2013 से 12 प्रतिशत ब्याज दर से 30 दिनों के अंदर भुगतान करें.
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