कम्युनिटी टॉयलेट तैयार, नहीं किया हैंड ओवर
Updated at : 09 Mar 2018 5:06 AM (IST)
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नगर परिषद की उदासीनता हो रही परिलक्षित दुमका : उपराजधानी दुमका में आठ कम्युनिटी टॉयलेट बनकर तैयार है. इन्हें अब तक हैंड ओवर नहीं किया गया है. ऐसे में जिस उद्देश्य से इसे बनवाया गया था, वह पूरा होता नहीं दिख रहा है. इनके निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च किये गये हैं. आठ में से […]
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नगर परिषद की उदासीनता हो रही परिलक्षित
दुमका : उपराजधानी दुमका में आठ कम्युनिटी टॉयलेट बनकर तैयार है. इन्हें अब तक हैंड ओवर नहीं किया गया है. ऐसे में जिस उद्देश्य से इसे बनवाया गया था, वह पूरा होता नहीं दिख रहा है. इनके निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च किये गये हैं. आठ में से एक-दो को छोड़ दें, तो अन्य के निर्माण हुए चार-पांच माह गुजर चुके हैं. निर्माण के बाद भी शौचालय का लाभ लोगों को उपलब्ध नहीं कराया जाना स्वच्छ भारत अभियान के प्रति नगर परिषद का उदासीनता प्रदर्शित कर रहा है. नगर परिषद को इन्हीं सामुदायिक शौचालयों को दिखाकर ओडीएफ घोषित कराने में सफलता मिल गयी. लेकिन, व्यावहारिक स्तर पर ऐसा अब भी नहीं दिख रहा. सदर अस्पताल के बगल में सामुदायिक शौचालय बना है. सदर अस्पताल के पुराने परिसर में पहले से ही सुलभ शौचालय है. पर, दोनों में ताले ही लटके रहते हैं. ऐसे में अस्पताल के पीछे मल-मूत्र त्याग कर गंदगी फैला दी गयी है.
यहां बने शौचालय
सामुदयिक शौचालय का निर्माण कचहरी के निकट एसबीआइ की मुख्य शाखा के बगल में, खुटाबांध के पास पुराना विकास भवन के पीछे, शिवपहाड़ मंदिर के पीछे एवं एसपी कॉलेज के पास, सदर अस्पताल के बगल में पोस्टमार्टम हाउस के सामने, हटिया परिसर में, पुलिस लाइन के पास तथा रसिकपुर बड़ा बांध के पास 24 लाख 35 हजार 600 रुपये की लागत से बना है. इन सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के लिए टेंडर 13 जनवरी 2017 को हुआ था. मॉडल डिजाइन में चार पुरुष तथा दो महिला शौचालय व एक-एक स्नानागार पुरुष व महिला के लिये बनाया गया है.
कहते हैं लोग
सामुदायिक शौचालय का ताला खुल जाने से आस-पास बसने वाले स्लम एरिया के लोग व राहगीर इसका उपयोग कर सकेंगे.
– रोहित कुमार
सामुदायिक शौचालय का ताला खुल जाने से खुले में शौच करने वाले लोगों को राहत पहुंचेगी.
– मनोज दास
कचहरी व एसबीआई बैंक के आसपास लोग बड़ी संख्या में आते हैं, जहां शौचालय नहीं रहने से दिक्कत होती है.
– कमली देवी
खुट्टाबांध तालाब के पीछे शौचालय का बनना उचित नहीं. जहां शौचालय बनाया है. वह मुख्य पथ पर नहीं है.
– राजीव कुमार
शौचालय से वंचित हुए लगवा के ग्रामीण
बासुकिनाथ. स्वच्छ भारत मिशन की सफलता व खुले में शौचमुक्त पंचायत बनाने के लिए भाल्कि पंचायत के लगवा गांव में जिला परिषद सदस्य जयप्रकाश मंडल की उपस्थिति में ग्रामीणों की बैठक हुई. बेसलाइन सर्वे में लोगों का नाम नहीं रहने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया. ग्राम प्रधान धनंजय प्रसाद सिंह, मनोज कुमार राय आदि लोगों ने कहा कि इस गांव में अबतक एक भी शौचालय का निर्माण नहीं किया गया है. जिप सदस्य ने बताया कि कर्मियों की उदासीनता के कारण बेसलाइन सर्वे में ग्रामीणों का नाम नहीं चढ़ाया गया. एेसे में खुले में शौच मुक्त पंचायत की कल्पना कैसे की जा सकती है. जिप सदस्य ने बताया कि इस गांव में 46 परिवार का शौचालय निर्माण के लिए एकरारनामा कराया गया. कुछ लोगों ने शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण भी कर दिया है. किसी भी परिवार को इसकी राशि का भुगतान नहीं किया गया है. जिप सदस्य से राशि भुगतान कराने का अनुरोध किया गया. जिप सदस्य ने बीडीओ राजेश डुंगडुंग से बात कर उपायुक्त को इसकी जानकारी देने की बात कही. मौके पर पिंकी देवी, नीतु देवी, रीता देवी, मानिक राय आदि उपस्थित थे.
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