हुजूर! कर्ज माफ कर दें चुकानेवाला बेटा ही नहीं रहा
Updated at : 11 Feb 2018 1:50 AM (IST)
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दुखद l बुजुर्ग मां-बाप की गुहार समर ने कर ली आत्महत्या दुमका कोर्ट : प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 50 हजार के लोन ने समर मंडल की जान ले ली. दुमका के शिकारीपाड़ा स्थित इंदरबनी के रहनेवाले समर ने रोजगार के लिए बैंक से कर्ज लिया था. पर स्वास्थ्य खराब होने के कारण उसे घाटा […]
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दुखद l बुजुर्ग मां-बाप की गुहार
समर ने कर ली आत्महत्या
दुमका कोर्ट : प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 50 हजार के लोन ने समर मंडल की जान ले ली. दुमका के शिकारीपाड़ा स्थित इंदरबनी के रहनेवाले समर ने रोजगार के लिए बैंक से कर्ज लिया था. पर स्वास्थ्य खराब होने के कारण उसे घाटा हुआ. किस्त के रूप में मात्र 12 हजार ही जमा कर पाया. बैंक से नोटिस आने के बाद और परेशान हो गया. अंत में कर्ज के बोझ के कारण उसने आत्महत्या कर ली. शनिवार को समर के बुजुर्ग माता-पिता राष्ट्रीय लोक अदालत पहुंचे. पिता माधव चंद्र मंडल ने संबंधित बेंच में गुहार लगायी कि अब उनका बेटा ही नहीं रहा, जिसने कर्ज लिया था. वे लोग भी कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं हैं.
घर की हालत काफी खराब है. पिता ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव निशांत कुमार को आवेदन देकर कहा कि हुजूर! बेटा चला गया, पैसे नहीं हैं, अब तो कर्ज माफ कर दीजिए.
हुजूर! कर्ज माफ कर…
बैंक के नोटिस से परेशान था समर
बैंक से नोटिस मिलने के बाद समर काफी परेशान था. नौ सितंबर 2017 को वह व्यवहार न्यायालय में आयोजित लोक अदालत में पहुंचा भी था. खराब सेहत का हवाला देकर मोहलत भी मांगी थी. पर इससे बात नहीं बनी. अब उसकी मौत के बाद उसके माता-पिता काफी परेशान हैं. पिता ने बताया कि समर ने एसबीआइ की पत्ताबाड़ी शाखा से कर्ज ली थी. वहीं बुजुर्ग माता-पिता की बात सुनने के बाद निशांत कुमार ने संबंधित बैंक को नोटिस करने की बात कही है.
बुजुर्ग मां-बाप
पहुंचे लोक अदालत
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 50 हजार का लोन लिया था समर ने
बीमारी के कारण नहीं चल पाया रोजगार, कर्ज नहीं चुका पाया, बैंक से मिल रहे थे नोटिस
परेशान होकर कर ली थी आत्महत्या
दुमका के शिकारीपाड़ा का रहनेवाला था समर मंडल
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